वृद्ध नागरिकों के एडॉप्शन की के लिए लाया जाए कोई प्रावधान…
आदित्य शर्मा.
शिमला. हिमाचल प्रदेश विधानसभा “बाल सत्र” में देश के बच्चों को विभिन्न निजी और सामाजिक मुद्दे उठाने और उन-पर चर्चा करने का मौका मिला. 12 जून को शिमला स्थित विधानसभा भवन में आयोजित हुए सत्र में नियम 324 के तहत शिमला से बाल विधायक अरुणोदय शर्मा ने भी अपना सुझाव सदन में रखा. सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता मंत्री की भूमिका में नज़र आये अरुणोदय ने अपने सुझाव में विशेष बच्चों एवं वृद्ध नागरिकों के हित में बात रखी.
बाल विधायक अरुणोदय का सुझाव-
सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि सरकार को विशेष बच्चों के लिए आश्रम खोलने चाहिए. यह आश्रम ऐसे हो जिनमें सभी सुविधाएं मौजूद हो. इसी के साथ उन्होंने प्रदेश में ऐसी योजना लाने का सुझाव दिया, जिसमें वृद्ध नागरिकों के एडॉप्शन का प्रावधान हो. इस योजना के माध्यम से जिन बच्चों को दादा दादी का प्यार नहीं मिल पता है उन्हें दादा-दादी मिले साथ ही बुजुर्ग व्यक्तियों को आश्रय.
अरुणोदय द्वारा दिए गए इस सुझाव का जिक्र मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने उद्बोधन में भी किया और बताया कि हिमाचल सरकार विशेष बच्चों के क्षेत्र में पहले से कार्य कर रही है, और सरकार की कोशिश है की प्रदेश के विशेष बच्चों को अच्छी से अच्छी सुविधा उपलब्ध की जा सके.
डिजिटल बाल मेला की फाउंडर जान्हवी शर्मा ने बताया कि विधानसभा स्पीकर श्री कुलदीप सिंह पठानिया ने इस सत्र की अध्यक्षता की, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के सीएम श्री सुक्खू ही थे. इस सत्र में विशिष्ट अतिथि के तौर पर राज्यसभा उपसभापति श्री हरिवंश सिंह भी मौजूद रहे. इतना ही नहीं राज्य में पहली बार हो रहे बाल सत्र को देखने के लिए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं विधायक भी विधानसभा भवन पहुंचे.
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