सितंबर महीने के विशेष दिनों के लिए भेजने हैं अपने आर्टिकल।
शिवाक्ष शर्मा।
डिजिटल बाल मेला द्वारा आयोजित लेखन प्रतियोगिता में बच्चे बढ़ चढ़ कर भाग ले रहे हैं। सितंबर के विभिन्न दिवसों पर बाल लेखक अपने आर्टिकल बाल मेला को भेज रहे हैं। बाल लेखक तुषार ने आत्महत्या रोकथाम दिवस पर अपने विचार साझा किए तो वही बाल लेखिका खुशी ने प्राथमिक चिकित्सा दिवस पर अपनी बात रखी।
डिजिटल बाल मेला की इस मुहिम को देश के कोने-कोने से बाल लेखकों का समर्थन मिल रहा है फिर वे चाहे बिहार के सईद फरहान हैदर हो या जयपुर के राघव कल्ला या फिर रामनगर की अंजलि या पालमपुर की सानिका, सब अपनी लेखन कला को प्रदर्शित कर रहे हैं।
अगर आप भी अपनी लेखन कला को दिखाना चाहते हैं तो डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर नियमावली को ठीक से देखें एवं बने बाल लेखक।
पूरे महीने में जिस बच्चे का आर्टिकल सबसे अच्छा होगा उसे ‘राइटर ऑफ द मंथ’ घोषित किया जाएगा साथ ही उन्हें 1100 का इनाम भी दिया जाएगा।
डिजिटल बाल मेला बच्चों के बीच जागरूकता पैदा करने और उनकी कला को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए बच्चों द्वारा स्थापित एक मंच है। डिजिटल बाल मेला सूचना प्रौद्योगिकी की शक्ति का उपयोग करके बच्चों को उनके रचनात्मक पक्ष को उजागर करने में मदद कर रहा है और इसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है।
आपको बता दें कि डिजिटल बाल मेले की शुरुआत 2020 में जयपुर की रहने वाली 10 साल की जान्हवी शर्मा ने की थी। डिजिटल बाल मेला अब तक कई अभियान चला चुका है जिनमें “राजस्थान विधानसभा बाल सत्र”, “हिमाचल प्रदेश विधानसभा बाल सत्र”, “मैं भी बाल सरपंच” आदि शामिल हैं।
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