तनय मिश्रा।
पंचायती राज व्यवस्था की स्थापना देश के ग्रामीण क्षेत्रों में शासन व्यवस्था के सुचारु रूप से संचालन के लिए की गई थी। इसी की तर्ज़ पर डिजिटल बाल मेला के अभियान “मैं भी बाल सरपंच” के माध्यम से गाँव के बच्चों को पंचायती राज के बारे में जानकारी दी जाती है। देश में केंद्रीय स्तर के साथ ही राज्य स्तरों पर भी पंचायती राज मंत्रालय की व्यवस्था की गई हैं। ऐसे में स्वाभाविक सी बात है कि इनमें कुछ अंतर भी होंगे।
जयपुर। पंचायती राज व्यवस्था की स्थापना देश के सभी गाँवों में शासन को सुचारु रूप से चलाने और ग्रामीण लोगों की प्राथमिक ज़रूरतों का ध्यान और उनकी पूर्ति के लिए की गई थी। डिजिटल बाल मेला के अभियान “मैं भी बाल सरपंच” की शुरुआत इसी तर्ज़ पर गाँव के बच्चों को पंचायती राज के बारे में जानकारी देने के लिए की गई है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि, देश में हर व्यवस्था को केंद्रीय स्तर के साथ ही राज्य स्तरों पर भी लागू किया जाता हैं। यह बात पंचायती राज व्यवस्था पर भी लागू होती है। यूँ तो केंद्रीय और राज्य स्तर, दोनों पर ही पंचायती राज मंत्रालय का काम पंचायती व्यवस्था का सुचारु संचालन सुनिश्चित करना है। पर जिस तरह से जुड़वाँ बच्चों में भी कोई न कोई अंतर् ज़रूर होता है, ठीक उसी तरह केंद्रीय और राज्य स्तर पर पंचायती राज मंत्रालय के कार्यों और शक्तियों में अंतर होता हैं। आइए एक नज़र डालते हैं ऐसे ही कुछ अंतरों पर।
अधिकार क्षेत्र
केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में देश की सभी पंचायतें आती हैं। पर राज्य पंचायती राज मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में सिर्फ संबंधित राज्य की ही पंचायतें ही आती हैं।
नियुक्ति
केंद्रीय पंचायती राज मंत्री की नियुक्ति देश के प्रधानमंत्री द्वारा की जाती है। वहीँ राज्य पंचायती राज मंत्री की नियुक्ति राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा की जाती है।
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निर्भरता
केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय किसी भी तरह से किसी राज्य पर निर्भर नहीं होता है। पर राज्य पंचायती राज मंत्रालय कई ज़रूरी स्कीमों और अनुदान के लिए केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय पर निर्भर करता है।
जवाबदेही
केंद्रीय पंचायती राज मंत्री सिर्फ प्रधानमंत्री को जवाबदेह होता है। इसके विपरीत राज्य पंचायती राज मंत्री मुख्यमंत्री के साथ ही केंद्रीय पंचायती राज मंत्री को भी जवाबदेह होता है। ऐसे में राज्य पंचायती राज मंत्री को अगर केंद्रीय पंचायती राज मंत्री का जूनियर कहा जाए तो यह गलत नहीं होगा।
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डिजिटल बाल मेला अपने अभियान “मैं भी बाल सरपंच” के ज़रिए देश के ग्रामीण और पंचायती क्षेत्र के बच्चों को पंचायती राज प्रणाली के प्रति जागरूक करने का कार्य करता है। इस अभियान के तहत डिजिटल बाल मेला ऑनलाइन और ऑफलाइन सत्र करता है, जिनमें राज्य के दिग्गज नेता बच्चों से पंचायत राज प्रणाली पर संवाद करेंगे। इन बच्चों को राजस्थान के गाँव, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और विद्यालयों के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इस अभियान में कई तरह के सत्र, वीडियो एंट्री, क्विज़ और डिबेट प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाती हैं। इससे पहले डिजिटल बाल मेला “शेड्स ऑफ कोविड” पेंटिंग प्रदर्शनी का भी आयोजन कर चुका है।
अगर आपका बच्चा भी “मैं भी बाल सरपंच” अभियान से जुड़ना चाहता है, तो आप डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट www.digitalbaalmela.com पर रजिस्टर कर सकते हैं या इस नंबर 8005915026 पर वॉट्सऐप/टेलीग्राम के ज़रिए भी रजिस्टर कर सकते हैं। जानकारी के लिए डिजिटल बाल मेला के सोशल मीडिया हैंडल्स फॉलो करें…….
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