जानिए धूम्रपान निषेध दिवस के बारे में हिमाचल प्रदेश की कशिश से…

जानिए धूम्रपान निषेध दिवस के बारे में हिमाचल प्रदेश की कशिश से।

 

बाल लेखिका कशिश।

 

क्या आप जानते हैं धूम्रपान दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य खतरों में से एक है,जो हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बनता है ?

यह सिर्फ कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का ही नहीं बल्कि हृदय रोग, स्ट्रोक और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का भी कारण बनता है ।

ऐसे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर वर्ष मार्च के दूसरे बुधवार को “धूम्रपान निषेध दिवस” मनाया जाता है।
इस वर्ष ‘नो स्मोकिंग डे’ ‘13 मार्च 2024’ को मनाया जा रहा है।
“धूम्रपान निषेध दिवस” पहली बार वर्ष 1984 में यूनाइटेड किंगडम में मार्च माह के पहले बुधवार को मनाया गया था। हालांकि समय के साथ यह दिवस दूसरे बुधवार को मनाया जाने लगा इस दिवस को वैश्विक स्तर पर मनाए जाने का उद्देश्य था ,धूम्रपान करने वाले लोगों को हमेशा के लिए धूम्रपान छोड़ने में मदद करना ।
13 मार्च 2024 को “धूम्रपान निषेध दिवस” का थीम : “तंबाकू उद्योग के हस्तक्षेप से बच्चों की सुरक्षा” है ।

“धूम्रपान निषेध दिवस” हमें यह जानने में मदद करता है कि —
• फेफड़ों की कीमत समझकर तंबाकू से दूरी बनाए। धूम्रपान दुनिया भर में मृत्यु का एक प्रमुख कारण है।

• एक रिपोर्ट के मुताबिक हर साल लगभग 80 लाख लोगों की मृत्यु तंबाकू के सेवन के कारण होती है।
धूम्रपान छोड़ने से कैंसर ,हृदय रोग और स्ट्रोक आदि का खतरा कम हो जाता है।
क्या आप जानते हैं ?
—कि धूम्रपान छोड़ने के 12 घंटे बाद ही ‘कार्बन मोनोऑक्साइड’ का स्तर आधे से कम हो जाता है।

धूम्रपान छोड़ना आसान नहीं है ,लेकिन यह संभव है। यदि आप धूम्रपान छोड़ने की इच्छा रखते हैं ,तो आप आसानी से छोड़ सकते हैं !

डिजिटल बाल मेला ने मार्च माह के महत्वपूर्ण दिनों पर एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता के अंत में जिस बच्चे की लेखन कला सबसे अच्छी होगी उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। आप भी इसमें भाग ले सकते हैं। आपके द्वारा लिखे गए लेख डिजिटल बाल मेला में भेजें। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।

डिजिटल बाल मेला की शुरुआत कोरोना काल में बच्चों की बोरियत को दूर करने के लिए जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय की छात्रा जान्हवी शर्मा द्वारा की गई थी। इसके तहत अभी तक कई अभियानों का आयोजन किया जा चुका है जिसमें “बच्चों की सरकार कैसी हो?” “मैं भी बाल सरपंच” “कौन बनेगा लोकतंत्र प्रहरी” “म्यूजियम थ्रू माय आइज” आदि शामिल हैं।

अधिक जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स को फॉलो करें –

Facebook – https://www.fb.com/digitalbaalmela/

Instagram – https://instagram.com/digitalbaalmela

Twitter – https://twitter.com/DigitalBaalMela

YouTube – 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *