जानिए हिमाचल प्रदेश की कशिश से विश्व पर्यटन दिवस के बारे में…

जानिए हिमाचल प्रदेश की कशिश से विश्व पर्यटन दिवस के बारे में।

 

बाल लेखिका कशिश।

सैर कर दुनिया की गाफिल, जिंदगानी फिर कहां, जिंदगानी फिर रही तो, नौजवानी फिर कहां। ख्वाजा मीर दर्द की ये शायरी आज के समय में घूमने-फिरने वालों की जुबां पर रहती है। पर्यटन सिर्फ घूमने वालों को ही सुकून नहीं देता, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी बड़ा योगदान देता है। लोगों के बीच पर्यटन के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने और यह देश या किसी क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि में कैसे मदद करता है, के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 27 सितंबर के दिन विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। विश्व पर्यटन दिवस सांस्कृतिक, आर्थिक विकास और सतत विकास को आगे बढ़ाने के लिए पर्यटन के महत्व पर प्रकाश डालता है।
विश्व पर्यटन दिवस हर साल 27 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य पर्यटन के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, और आर्थिक महत्व को जागरूक करना है। इसके साथ ही विश्व भर के लोगों में पर्यटन के लिए जागरूकता पैदा करना और इसके लिए प्रेरित करना है। पर्यटन ही वो माध्यम है जिससे अलग- अलग कल्चर से लोगों को जुड़ने और जानने का मौका मिलता है। 2019 में दिल्ली में विश्व पर्यटन दिवस का समारोह आयोजित हुआ था। इस दौरान भारत ने अपनी भौगोलिक विशेषताओं के कारण पहली बार विश्व पर्यटन दिवस की मेजबानी की थी। भारत में घूमने के लिए कई जगह प्रसिद्ध मानी जाती हैं और उसमें से ताजमहल को दुनिया का सातवां अजूबा कहा जाता है, इसलिए यह देश पर्यटकों को विभिन्न व्यंजनों, साहसिक स्थानों, इतिहास, भाषाओं आदि की पेशकश कर सकता है।
सन् 1970 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (United Nations World Tourism Organization-UNWTO) ने स्पेन में अपने तीसरे सत्र में इसे एक दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया था। यूएनडब्ल्यूटीओ ने सितंबर 1979 के अंत में विश्व पर्यटन दिवस शुरू करने का निर्णय लिया था। प्रथम बार इसे 27 सितंबर, 1980 को मनाया गया था। तभी से प्रतिवर्ष 27 सितंबर को इस दिन को हम मनाते हैं।
विश्व पर्यटन दिवस world tourism day in Hindi का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन की भावना को जगाना है। यह दिवस के द्वारा दुनिया भर के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है। यूएनडब्ल्यूटीओ (UNWTO) पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, ताकि यह सदस्य राष्ट्र को उसके आर्थिक विकास में मदद कर सके। और यही नहीं बल्कि संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन की भूमिका पर्यटन में शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करना भी है। विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) के अनुसार, डिजिटल प्रगति और नवाचार ज्यादा टिकाऊ और जिम्मेदार पर्यटन स्थान के साथ लगातार विकास को पूरा करने की चुनौती के समाधान का एक हिस्सा हैं।

यह डिजिटल बाल मेला द्वारा बच्चों की लेखन क्षमता बढ़ाने के लिए आयोजित प्रतियोगिता है। इसमें हर महीने बेहतरीन आर्टिकल भेजने वाले बच्चे को ‘राइटर ऑफ दी मंथ’ के खिताब से नवाज़ा जाता है एवं विजेता को ₹1100 की राशि प्रदान की जाती है। हम ये प्रतियोगिता हर महीने आयोजित करते हैं, आपको किन-किन विषयों पर आर्टिकल लिखने हैं इसकी जानकारी डिजिटल बाल मेला द्वारा हर महीने के अंत में दी जाती है। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाता है।
अगर किसी बच्चे में लेख लिखने की क्षमता है तो डिजिटल बाल मेला आपको ये मंच प्रस्तुत करता है। आप अपना लेख डिजिटल बाल मेला के व्हाट्सऐप नंबर
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