जानिए मॉरीशस राष्ट्रीय दिवस के बारे में राजस्थान के पारस माली से।
बाल लेखक पारस माली।
प्रतिवर्ष 12 मार्च को मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस के तौर पर मनाया जाता है। मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस को स्वतंत्रता और गणतंत्र दिवस के रूप में जाना जाता है। मॉरीशस में लोकतंत्र लागू किया गया था जो एक सार्वजनिक अवकाश के रूप में हर साल आज के दिन मॉरीशस राष्ट्रीय दिवस के तौर पर मनाया जाता है।
मॉरीशस राष्ट्रीय दिवस का इतिहास।
गौरतलब है कि साल 1803- 1815 के दौरान नेपोलियन युद्ध में ब्रिटिश ने इस द्वीप पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद मॉरीशस साल 1968 में ब्रिटेन से आजाद हुआ और उसके बाद 1992 में लोकतंत्र लागू हुआ।
कब लागू हुआ था मॉरीशस का संविधान।
बता दें कि मॉरीशस का संविधान 12 मार्च यानी आज ही के दिन लागू किया गया था। आज के दिन मॉरीशस में अलग-अलग देश के प्रधानमंत्री भी पहुंचते हैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी साल 2015 में मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस पर वहां पहुंचे थे। अंत में मैं आप सभी को मॉरीशस राष्ट्रीय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देना चाहूंगा।
धन्यवाद।
डिजिटल बाल मेला ने मार्च माह के महत्वपूर्ण दिनों पर एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता के अंत में जिस बच्चे की लेखन कला सबसे अच्छी होगी उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। आप भी इसमें भाग ले सकते हैं। आपके द्वारा लिखे गए लेख डिजिटल बाल मेला में भेजें। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।
डिजिटल बाल मेला की शुरुआत कोरोना काल में बच्चों की बोरियत को दूर करने के लिए जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय की छात्रा जान्हवी शर्मा द्वारा की गई थी। इसके तहत अभी तक कई अभियानों का आयोजन किया जा चुका है जिसमें “बच्चों की सरकार कैसी हो?” “मैं भी बाल सरपंच” “कौन बनेगा लोकतंत्र प्रहरी” “म्यूजियम थ्रू माय आइज” आदि शामिल हैं।
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