पढ़िए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के बारे में …

मामाजी के नाम से प्रसिद्द हैं शिवराज सिंह चौहान …
गर्वित शर्मा

जयपुर : शिवराज सिंह चौहान का जन्म 5 मार्च 1959 को हुआ। उनके पिता का नाम श्री प्रेमसिंह चौहान और माता श्रीमती सुंदरबाई चौहान हैं। शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं| शिवराज सिंह चौहान भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी है | इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित कार्यकर्ता हैं|

शिवराज सिंह चौहान ने अपने राजनितिक करियर की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् से की| चौहान सन् 1977–78 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री बने। साथ ही सन् 1975 से 1980 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मध्य प्रदेश के संयुक्त मंत्री रहे। सन् 1980 से 1982 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश महासचिव, 1982-83 में परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य बने सन 1984-85 में भारतीय जनता युवा मोर्चा, मध्य प्रदेश के संयुक्त सचिव बने| इसके बाद 1985 से 1988 तक महासचिव तथा 1988 से 1991 तक युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे।

शिवराज सिंह चौहान 1990 में पहली बार बुधनी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। इसके बाद 1991 में चौहान विदिशा संसदीय क्षेत्र से पहली बार सांसद बने। शिवराज सिंह चौहान 1991 – 92 में अखिल भारतीय केसरिया वाहिनी के संयोजक तथा 1992 में अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा के महासचिव बने शिवराज सिंह चौहान को सन् 1992 से 1994 तक भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया|

चौहान वर्ष 2005 में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किये गये। चौहान ने 29 नवम्बर 2005 को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली|। प्रदेश की तेरहवीं विधानसभा के निर्वाचन में चौहान ने भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक की भूमिका का बखूबी निर्वहन कर विजयश्री प्राप्त की। चौहान को 10 दिसम्बर 2008 को भारतीय जनता पार्टी के 143 सदस्यीय विधायक दल ने सर्वसम्मति से नेता चुना। चौहान ने 12 दिसम्बर 2008 को भोपाल के जंबूरी मैदान में दूसरी बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की।

सन 2020 में कमलनाथ सरकार की विदाई हुई है. दरअसल, कांग्रेस के 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था. इसमें 6 मंत्री शामिल थे. स्पीकर ने मंत्रियों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था. इस्तीफे के कारण कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी, लेकिन फ्लोर टेस्ट कराने की बजाए सदन को स्थगित कर दिया गया था. इसके बाद इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ सरकार को तुरंत फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया. आदेश के बाद स्पीकर ने सभी 16 विधायकों का इस्तीफा मंजूर किया और फ्लोर टेस्ट से पहले ही कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद भाजपा मध्यप्रदेश में बहुमत में आ गयी और शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार मुख्यमंत्री की शपथ ली|

शिवराज सिंह मध्‍यप्रदेश मे सबसे लम्‍बे समय तक मुख्‍यमंत्री के रूप मे कार्यभार संभालने वाले पहले मुख्‍यमंत्री है, चौहान ने 13 वर्ष 17 दिन का मुख्‍यमंत्री का कार्यभारत सम्‍भाला है, और वर्तमान मे भी व‍ह 15 महिने के बाद फिर मे मुख्‍यमंत्री के पद का दुबारा निर्वाह कर रहे है। इसके अलावा मध्‍य प्रदेश मे सबसे ज्‍यादा बार मुख्‍यमंत्री बनने का रिकार्ड भी उन्‍होने अपने नाम कर लिया है। 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली।

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