तनय।
डिजिटल बाल मेला (Digital Baal Mela) के नवाचारी अभियान “मैं भी बाल सरपंच” ने कल यानि की 15 अक्टूबर को झुंझुनूं के काजड़ा गाँव में दस्तक दे दी है। इस अवसर पर काजड़ा में “बाल पंचायत” का भी आयोजन किया गया।
जयपुर। 2 अक्टूबर 1959 के दिन आधुनिक भारत में पहली बार राजस्थान के नागौर जिले से पंचायती राज की शुरुआत हुई थी। इसके ठीक 63 वर्ष बाद 2 अक्टूबर 2022 के दिन राजस्थान के नागौर के बरांगना से ही “मैं भी बाल सरपंच” अभियान की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। इसके बाद 8 अक्टूबर को जयपुर (Jaipur) के राजावास (Rajawas) गाँव और फिर कल यानि की 15 अक्टूबर को यह अभियान झुंझुनूं (Jhunjhunu) के काजड़ा (Kajra) गाँव पहुँचा। बच्चों के लिए शुरू किए गए इस नवाचारी अभियान के लिए डिजिटल बाल मेला ने यूनिसेफ से हाथ मिलाया है। इस अवसर पर बच्चों के लिए एक “बाल पंचायत” का भी आयोजन किया गया, जिसमें काजड़ा की सरपंच मंजू तंवर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुई। साथ ही पिलानी थानाधिकारी रणजीत सेवदा और सूरजगढ़ थानाधिकारी मुकेश कुमार भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
शेखावाटी की मिट्टी में दिखी नेतृत्व की झलक
काजड़ा में बच्चों के लिए आयोजित “बाल पंचायत” (Baal Panchayat) में 5 विद्यालयों के 200 से ज़्यादा बच्चों ने हिस्सा लिया। इन बच्चों के लिए “बाल सरपंच” प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें “बाल सरपंच” के पद के लिए 10 बच्चों ने अपनी दावेदारी पेश की और बताया कि अगर वो सरपंच होते, तो अपने क्षेत्र में बदलाव लाने और समस्याओं के निवारण के लिए क्या करते। जब बाल सरपंच पद के दावेदार अभिषेक शेखावत ने बोलना शुरू किया तब सरपंच से लेकर अध्यापक सब दंग हो गए। 12 वीं क्लास के इस बच्चे ने गाँव के अहम मुद्दों पर लोगो की आँखें खोल दी। इसके अलावा अन्य दावेदारों ने खेल स्टेडियम, नहर के सुचारू संचालन, विद्युत आपूर्ति जैसे मुद्दे सबके सामने रखे। इन दावेदारों के लिए पंचायत में उपस्थित अन्य बच्चों ने उनके लिए लाइव वोटिंग की और अपने पसंदीदा दावेदार के लिए वोट किया। सबसे ज़्यादा वोट्स के आधार पर चुने हुए दावेदार को काजड़ा से “बाल सरपंच” चुना जाएगा और भविष्य में होने वाली पंचायतों में बैठने और अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। इतना ही नहीं, उसे राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर भी मिलेगा। दूसरे स्थान पर रहने वाले बच्चे को बाल उपसरपंच और तीसरे स्थान पर रहने वाले बच्चे को बाल पंच चुना जाएगा।
यह भी पढ़ें :- Main Bhi Baal Sarpanch अभियान पहुँचा झुंझुनूं के काजड़ा गाँव, बच्चों ने दिखाया “बाल पंचायत” के लिए उत्साह
यह भी पढ़ें :- Main Bhi Baal Sarpanch: “बाल मित्र पंचायत” का सकारात्मक प्रभाव
अगर आपका बच्चा भी “मैं भी बाल सरपंच” (#MainBhiBaalSarpanch) अभियान से जुड़ना चाहता है, तो आप डिजिटल बाल मेला (#DigitalBaalMela) की वेबसाइट www.digitalbaalmela.com पर रजिस्टर कर सकते हैं या इस नंबर 8005915026 पर वॉट्सऐप/टेलीग्राम के ज़रिए भी रजिस्टर कर सकते हैं। जानकारी के लिए डिजिटल बाल मेला के सोशल मीडिया हैंडल्स फॉलो करें…….
फेसबुक – https://www.fb.com/digitalbaalmela/
इंस्टाग्राम – https://instagram.com/digitalbaalmela
ट्विटर – https://twitter.com/DigitalBaalMela
यूट्यूब –

