हिमाचल प्रदेश में सड़कों के किनारे लगायी जाए जालिया…
आदित्य शर्मा.
शिमला. हिमाचल प्रदेश में आये दिन भूस्खलन होता है जिसकी वजह से हादसे और जान माल का नुकसान जनता को उठाना पड़ता है. व्यापार,चिकित्सा या शिक्षा सभी क्षेत्रों पर असर पड़ता है, इसीलिए भोरंज की बाल विधायिका सोनम ने इसके रोकथाम हेतु बाल सत्र के माध्यम से अपना सुझाव सदन में रखा.
बाल विधायिका सोनम उन्होंने बताया कि –
प्रदेश में अधिकतम भूस्खलन वर्षा ऋतु में होता है पहाड़ी क्षेत्र में जहां परिवहन के मार्गों का निर्माण हुआ उन मार्गों के दोनों और वर्षा निकासी की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए एवं मार्गों के निर्माण के दोनों और 45 डिग्री के कोण पर मलबे को निर्माण के दौरान ही हटा देना चाहिए. हटाना संभव नहीं हो तो मजबूत दीवारों का निर्माण कर उसको सहारा दे देना चाहिए या सड़कों के किनारे जालियों का प्रयोग भी सफल है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डिजिटल बाल मेला द्वारा आयोजित यह सत्र हिमाचल प्रदेश के इतिहास का पहला “बाल सत्र” है. इस सत्र की अध्यक्षता विधानसभा स्पीकर श्री कुलदीप सिंह पठानिया द्वारा की गयी, जिसमें 68 बाल विधायक 5 राज्य और 48 विधानसभा क्षेत्रों से चुनकर आये जिनमें 40 महिला बाल विधायिका एवं 28 बाल विधायक शामिल है.
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