चाय बेचने से लेकर कैसे तय किया प्रधानमन्त्री तक सफ़र …
गर्वित शर्मा
जयपुर :- नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को भारत के 15वें प्रधानमन्त्री एक रूप में शपथ ली| इनका पूरा नाम नरेंद्र दामोदरदास मोदी हैं| मोदी का जन्म 17 सितम्बर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ | नरेंद्र मोदी स्वतन्त्र भारत में जन्में देश के प्रथम प्रधानमन्त्री हैं| इसके बाद 30 मई 2019 को मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में दूसरी भार शपथ ली| इससे पहले वह 7 अक्टूबर 2001 से 22 मई 2014 तक गुजरात राज्य के मुख्यमन्त्री रह चुके हैं
नरेंद्र मोदी के पिता वडनगर रेलवे स्टशन पर चाय की दुकान चलते थे| मोदी ने अपने बचपन में चाय बेचने में अपने पिता की मदद की, और बाद में अपना खुद का स्टाल चलाया। आठ वर्ष की आयु में वे आरएसएस से जुड़े, जिसके साथ एक लम्बे समय तक सम्बन्धित रहे। स्नातक होने के बाद उन्होंने अपना घर छोड़ दिया। मोदी ने दो साल तक भारत भर में यात्रा की, और अनेकों धार्मिक केन्द्रों का दौरा किया। 1969 या 1970 वे गुजरात लौटे उसके बाद अहमदाबाद चले गए।1971 में वह आरएसएस के लिए पूर्णकालिक कार्यकर्ता बन गए। 1975 में देश भर में आपातकाल की स्थिति के समय उन्हें कुछ समय के लिए अज्ञातवास करना पड़ा। 1985 में वे बीजेपी से जुड़े और 2001 तक पार्टी पदानुक्रम के भीतर कई पदों पर कार्य किया, जहाँ से वे धीरे धीरे भाजपा में सचिव के पद पर पहुँचे गए।
सन 2001 में गुजरात के भुज में आए भूकंप के बाद गुजरात के तत्कालीन मुख्यमन्त्री केशुभाई पटेल के असफल स्वास्थ्य और खराब सार्वजनिक छवि के कारण नरेंद्र मोदी को 2001 में गुजरात के मुख्यमन्त्री पद पर नियुक्त किया गया और वह गुजरात राज्य के 14वें मुख्यमन्त्री रहे। नरेंद्र मोदी शीघ्र ही विधायी विधानसभा के लिए चुने गए | उनकी नीतियों और कार्यो के कारण जनता ने लगातार 4 बार (2001 से 2014 तक) नरेंद्र मोदी को गुजरात का मुख्यमन्त्री चुना
गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त श्री नरेन्द्र मोदी विकास पुरुष के नाम से जाने जाते हैं और वर्तमान समय में देश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से हैं| उनके नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा और 282 सीटें जीतकर अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की। एक सांसद के रूप में उन्होंने उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक नगरी वाराणसी एवं अपने गृहराज्य गुजरात के वडोदरा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा और दोनों जगह से जीत दर्ज की। इसके बाद वर्ष 2019 में भारतीय जनता पार्टी ने उनके नेतृत्त्व में दोबारा चुनाव लड़ा और इस बार पहले से भी ज्यादा बड़ी जीत हासिल हुई। पार्टी ने कुल 303 सीटों पर जीत हासिल की। भाजपा के समर्थक दलों यानी राजग को कुल 352 सीटें प्राप्त हुईं।[20] 30 मई 2019 को शपथ ग्रहण कर नरेन्द्र मोदी लगातार दूसरी बार प्रधानमन्त्री बने।
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