कसौली के यथार्थ ने बताया विश्व रेबीज दिवस के बारे में। 

इस दिन को महान वैज्ञानिक लुइस पैस्टर की याद में मनाया जाता है। 

बाल लेखक यथार्थ। 

आप सभी ने सोशल मीडिया पर वायरल होता वीडियो देखा ही होगा जिसमें एक आदमी को पानी पिलाने की कोशिश की जा रही है पर वह पानी पीने से डर रहा है। कुछ देर बाद वह कुत्तों की तरह भौंकने लगता है। यह लक्षण एक खतरनाक और डरावनी बीमारी के हैं जिसका नाम रेबीज है। विश्व रेबीज दिवस २८ सितम्बर को मनाया जाता है। इस दिन को महान वैज्ञानिक लुइस पैस्टर की याद में मनाया जाता है। इन्होंने ही रेबीज का इंजेक्शन बनाया और लोगों की जान बचाने की पहल की।

 मैं कसौली, हिमाचल प्रदेश का रहने वाला हूँ और यहाँ पर केंद्रीय अनुसंधान संस्थान है। यहाँ से ही पूरे भारत में रेबीज और अन्य बीमारियों की वैक्सीन भेजी जाती है। रेबीज एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है पर इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि हम जानवरों को प्यार करना और उनकी परवाह करना छोड़ दें। अगर आपके पास सही जानकारी हो तो इस बीमारी से बचा जा सकता है। रेबीज कुत्ते, बिल्ली, चमगादड़ आदि जानवरों की लार से फैलता है। इसलिए अगर किसी को कोई जानवर काट ले तो घरेलु नुस्खे अपनाने के बजाय जल्द से जल्द अपने नज़दीकी डॉक्टर से संपर्क करें और २४ घंटे के अंदर रेबीज का इंजेक्शन लगवाने से इस बीमारी से बचा जा सकता है। अगर नियत समय पर इलाज न हो तो रेबीज पीड़ित व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। इसलिए मैं सबसे विनती करना चाहता हूँ कि सतर्क रहें और किसी जानवर के काटने पर डॉक्टर के पास जाएं। अगर आपके पास कोई पालतू जानवर है तो सतर्कता बरतते हुए उसे भी रेबीज का इंजेक्शन लगवाएं।

आज विश्व रेबीज दिवस पर लुइस पैस्टर जिन्होंने पूरी दुनिया को इस बीमारी का इलाज दिया, मैं उन्हें धन्यवाद करता हूँ।

डिजिटल बाल मेला बच्चों के बीच जागरूकता पैदा करने और उनकी कला को प्रदर्शित करने के लिए बच्चों द्वारा स्थापित एक मंच है।

डिजिटल बाल मेला ने सितंबर माह के महत्वपूर्ण दिनों पर एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता के अंत में जिस बच्चे की लेखन कला सबसे अच्छी होगी उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। आप भी इसमें भाग ले सकते हैं। आपके द्वारा लिखे गए लेख डिजिटल बाल मेला में भेजें। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को उनकी फोटो के साथ डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।

  डिजिटल बाल मेला बच्चों के लिए अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता दिखाने का एक अभिनव मंच है। इसकी शुरुआत 2020 में जयपुर की 10 वर्षीय लड़की जान्हवी शर्मा ने की थी। डिजिटल बाल मेला ने अब तक कई अभियान चलाए हैं जिनमें “राजस्थान विधानसभा बाल सत्र”, “हिमाचल प्रदेश विधानसभा बाल सत्र”, “मैं भी” शामिल हैं। बाल सरपंच” आदि।

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