रामनगर की अंजली ने बताया राष्ट्रीय युवा दिवस का इतिहास…

बाल लेखिका अंजली।

आप सभी को मेरा सादर नमस्कार।
हर साल 12 राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। युवा दिवस स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन को चिन्हित करने के लिए मनाया जाता है वही स्वामी विवेकानंद जी आज भी देश के लाखों युवाओं के प्रेरणा के स्त्रोत हैं और भारतीय इतिहास के सबसे प्रभावशाली नेतृत्वकर्ताओं में से एक है।
प्रतिवर्ष केंद्र सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारों से लेकर सामाजिक संगठन और रामकृष्ण मिशन के अनुयाई विवेकानंद और जयंती बड़े सामान के साथ मनाते हैं।

राष्ट्रीय युवा दिवस :- हर दिवस को मनाने का अपना अलग महत्व होता है इसी महत्व के आधार पर इन अलग-अलग दिनों की थीम भी अलग-अलग ही रखी जाती है । राष्ट्रीय युवा दिवस को भी मनाने के लिए हर साल एक कठिन का एलान किया जाता है बातें करें इस साल की तो इस वर्ष नेशनल यूथ डे के लिए थीम विकसित युवा विकसित भारत तय की गई है। देश का भविष्य कहे जाने वाले युवाओं के लिए स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन को युवा दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत साल 1984 में की गई थी । उसे साल सरकार का एक ऐसा बनाने का तरीका ही कुछ अलग था । स्वामी विवेकानंद के विचार आदर्श और अनेक काम करने का तरीका भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणा का एक स्रोत हो सकते हैं। ऐसे में इस बात को ध्यान में रखते हुए 12 जनवरी 1984 से स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की गई थी ।
राष्ट्रीय युवा दिवस के ऊपर कुछ पंक्तियां कहना चाहूंगी । जो हम सोचते हैं वह बन जाते हैं
यदि तुम खुद को कमजोर सोचते हो
तुम कमजोर हो जाओगे
अगर खुद को ताकतवर सोचते हो
तुम ताकतवर हो जाओगे ।

आप सभी को राष्ट्रीय युवा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं‌।
धन्यवाद ।
जय हिंद जय हिमाचल।

डिजिटल बाल मेला ने जनवरी माह के महत्वपूर्ण दिनों पर एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता के अंत में जिस बच्चे की लेखन कला सबसे अच्छी होगी उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। आप भी इसमें भाग ले सकते हैं। आपके द्वारा लिखे गए लेख डिजिटल बाल मेला में भेजें। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।

डिजिटल बाल मेला की शुरुआत कोरोना काल में बच्चों की बोरियत को दूर करने के लिए जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय की छात्रा जान्हवी शर्मा द्वारा की गई थी। इसके तहत अभी तक कई अभियानों का आयोजन किया जा चुका है जिसमें “बच्चों की सरकार कैसी हो?” “मैं भी बाल सरपंच” “कौन बनेगा लोकतंत्र प्रहरी” “म्यूजियम थ्रू माय आइज” आदि शामिल हैं।

अधिक जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स को फॉलो करें –

Facebook – https://www.fb.com/digitalbaalmela/

Instagram – https://instagram.com/digitalbaalmela

Twitter – https://twitter.com/DigitalBaalMela

YouTube – 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *