रामनगर की अंजली ने दी विश्व अंतर्मुखी दिवस की जानकारी।

बाल लेखिका अंजली।

विश्व अंतर्मुखी दिवस 2 जनवरी को हर वर्ष मनाया जाता है। सबसे पहले मैं आपको बताना चाहूंगी कि अंतर्मुखी शब्द का प्रयोग इसलिए किया है क्योंकि दुनिया में दो तरह के लोग रहते हैं एक तो वह जो किसी से भी बात कर लेते हैं दो जिन्हें घूमने फिर ना दोस्त बनना पसंद होता है और दूसरे वह जो कम बोलते हैं अकेले रहते हैं और अपनी बात बहुत कमियां अपने किसी खास को ही बता पाते हैं।

ऐसे लोगों को अंतर्मुखी कह सकते हैं।

अंतर्मुखी की विशेषता निम्न लिखित है।

1 शांत वातावरण में रहना।

2 सामाजिक चिंता अधिक करना।

3 अकेले समय बिताने का आनंद लेना।

पर्यावरणीय कारक :-

1 परवरिश शैली।

2 साथियों के साथ अनुभव।

3 जीवन के अनुभव ।

4 आप जिस प्रकार की शिक्षा प्राप्त करते हैं।

अंत में मैं आपको विश्व अंतर्मुखी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं ।

धन्यवाद।

डिजिटल बाल मेला ने जनवरी माह के महत्वपूर्ण दिनों पर एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता के अंत में जिस बच्चे की लेखन कला सबसे अच्छी होगी उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। आप भी इसमें भाग ले सकते हैं। आपके द्वारा लिखे गए लेख डिजिटल बाल मेला में भेजें। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।

डिजिटल बाल मेला की शुरुआत कोरोना काल में बच्चों की बोरियत को दूर करने के लिए जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय की छात्रा जान्हवी शर्मा द्वारा की गई थी। इसके तहत अभी तक कई अभियानों का आयोजन किया जा चुका है जिसमें “बच्चों की सरकार कैसी हो?” “मैं भी बाल सरपंच” “कौन बनेगा लोकतंत्र प्रहरी” “म्यूजियम थ्रू माय आइज” आदि शामिल हैं।

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