मैं भी बाल सरपंच: झुंझुनू के काजड़ा की सरपंच मंजू तंवर हुई इस नवाचारी कार्यक्रम से प्रभावित, जानिए क्या कहा

तनय मिश्रा।

डिजिटल बाल मेला के अनूठे अभियान “मैं भी बाल सरपंच” के तहत जयपुर के तीज होटल में 23 सितंबर को एक नवाचारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में राज्य के कई जिलों के पंचायती क्षेत्रों से सरपंच और अन्य जिला अधिकारी शामिल हुए। इन्हीं में से झुंझुनू के काजड़ा की सरपंच मंजू तंवर भी शामिल हुई।

जयपुर। डिजिटल बाल मेला के अनूठे अभियान “मैं भी बाल सरपंच” के तहत जयपुर के तीज होटल में 23 सितंबर को एक नवाचारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में राज्य के कई जिलों के पंचायती क्षेत्रों से सरपंच और अन्य जिला अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में डिजिटल बाल मेला की मेंटर और वरिष्ठ पत्रकार डॉ. मीना शर्मा ने “मैं भी बाल सरपंच” अभियान के बारे में कार्यक्रम में सम्मिलित सभी सरपंचों और अन्य जिलाधिकारियों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में झुंझुनू के काजड़ा की सरपंच मंजू तंवर भी शामिल हुई और इस अभियान से प्रभावित हुई। आइए जानते है क्या कहा मंजू तंवर ने इस नवाचारी अभियान के बारे में।

क्या कहा मंजू तंवर ने?

डिजिटल बाल मेला के “मैं भी बाल सरपंच” अभियान के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल झुंझुनू के कजेड़ा की सरपंच मंजू तंवर ने बताया कि उनके बेटे की पंचायत भवन देखने की इच्छा को देखते हुए उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल से बाल करते हुए सभी बच्चों को गाँव के पंचायत भवन में बुलाकर उन्हें ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली, इसमें प्रस्ताव कैसे रखे जाते हैं और दूसरी ज़रूरी बातें बताई। इसके बाद सरपंच की कुर्सी पर उन्होंने एक छोटी बच्ची को नाइबैठने का मौका दिया, जो भविष्य में सरपंच बनना चाहती है। डिजिटल बाल मेला के “मैं भी बाल सरपंच” अभियान की सराहना करते हुए मंजू तंवर ने बताया कि इस अभियान से गाँवो के ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों को पंचायती राज प्रणाली के बारे में जागरूकता मिलेगी और पंचायत में उनकी सहभागिता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

Manju Tanwar

यह भी पढ़ें :- मैं भी बाल सरपंच: जानिए क्या कहा सरपंच संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयराम पलसानिया ने इस नवाचारी कार्यक्रम के विषय में

डिजिटल बाल मेला अपने अभियान “मैं भी बाल सरपंच” के माध्यम से देश के ग्रामीण और पंचायती क्षेत्र के बच्चों को पंचायती राज प्रणाली के प्रति जागरूक करने का कार्य करता है। इस अभियान के तहत डिजिटल बाल मेला ऑनलाइन और ऑफलाइन सत्र करता है, जिनमें राज्य के दिग्गज नेता बच्चों से पंचायती राज प्रणाली पर संवाद भी करेंगे। इन बच्चों को राजस्थान के गाँव, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और विद्यालयों के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इस अभियान में कई तरह के सत्र, वीडियो एंट्री, क्विज़ और डिबेट प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाती हैं। इससे पहले डिजिटल बाल मेला “शेड्स ऑफ कोविड” पेंटिंग प्रदर्शनी का भी आयोजन कर चुका है।

यह भी पढ़ें :- जवाहरलाल नेहरू के समय भारत में पंचायती ढाँचा

अगर आपका बच्चा भी “मैं भी बाल सरपंच” अभियान से जुड़ना चाहता है, तो आप डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट www.digitalbaalmela.com पर रजिस्टर कर सकते हैं या इस नंबर 8005915026 पर वॉट्सऐप/टेलीग्राम के ज़रिए भी रजिस्टर कर सकते हैं। जानकारी के लिए डिजिटल बाल मेला के सोशल मीडिया हैंडल्स फॉलो करें…….

फेसबुक – https://www.fb.com/digitalbaalmela/

इंस्टाग्राम – https://instagram.com/digitalbaalmela

ट्विटर – https://twitter.com/DigitalBaalMela

यूट्यूब – 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *