विद्यालयों ने “बाल सरपंच” अभियान को सराहा…..

शिक्षकों ने बताया उपयोगी नवाचार…..

 

आदित्य शर्मा|

जयपुर| विद्यालय हमेशा लोगों के जीवन में एक आवश्यक भूमिका निभाता है। बचपन में बच्चे का आधा वक्त विद्यालय में ही बीतता है| ऐसे में विद्यालयों की जिम्मेदारी बन जाती है कि वह छात्रों को ऐसा मंच प्रदान करें जो उन्हें आकार दे सके और उन्हें एक अच्छा व्यक्तित्व प्रदान कर सके जो बाद में उन्हें परिभाषित करें। पिछले 2 सालों में डिजिटल बाल मेला ऐसा ही मंच उभर के आया है| जिसमें भारत के 500 से भी ज्यादा विद्यालयों ने रुचि दिखाई|

ख़ास बात ये है की अब डिजिटल बाल मेला शहरों तक ही सीमित नहीं है, “मैं भी बाल सरपंच” से हम राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पहुँच रहे है| डिजिटल बाल मेला और यूनिसेफ द्वारा शुरू किये गए इस अभियान में 50 से भी ज्यादा विद्यालयों ने अपना भरोसा दिखाया व अपने बच्चों को उनके ग्राम में होने वाली “बाल पंचायतों” का हिस्सा बनाया| जिसमें बच्चों ने पंचायती राज व्यवस्था को जाना साथी ही वोटिंग प्रक्रिया का हिस्सा बन अपने “बाल प्रतिनिधि” भी चुने| “बाल पंचायतों” में शिक्षक भी मौजूद रहे उन्होंने भी अपने बच्चों की प्रतिभा जानी|

इन विद्यालयों के भरोसे का ही नतीजा था की हम पहली बार प्रत्यक्ष रूप से राजस्थान की 10 ग्राम पंचायतों में मौजूद थे, और हमारे साथ मौजूद थे 5000 से भी ज्यादा बच्चे| इस अभियान को हर शिक्षक ने उपयोगी नवाचार बताया साथ ही इस अभियान की सराहना की| डिजिटल बाल मेला की जान्हवी शर्मा का बताया की राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इन ही विद्यालयों के 30 बच्चे अपने ग्राम व् संभाग का प्रतिनिधित्व करेंगे|

यदि आपका बच्चा भी नेतृत्व की क्षमता रखता है और “बाल सरपंच” बनकर अपने गाँव का विकास करना चाहता है तो आज ही वीडियों बनाकर भेजें डिजिटल बाल मेला के मोबाइल नंबर +918005915026 पर| अधिक जानकारी के लिए डिजिटल बाल मेला के सोशल मीडिया हैंडल्स को फॉलो करें –

फेसबुक – https://www.fb.com/digitalbaalmela/

इन्स्टाग्राम – https://instagram.com/digitalbaalmela

ट्विटर – https://twitter.com/DigitalBaalMela

यूट्यूब – 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *