विधानसभा बाल सत्र के माध्यम से दिया सरकार को सुझाव…
आदित्य शर्मा.
शिमला. हिमाचल प्रदेश राज्य के इतिहास के पहले विधानसभा “बाल सत्र” में प्रश्नकाल की कार्यवाही के बाद नियम 324 की कार्यवाही का संपादन किया गया. इस के तहत प्रदेश के बच्चों ने अपनी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर सुझाव दिए या बच्चों की समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया. इस प्रक्रिया के तहत पांच वे क्रमांक पर डिप्टी-स्पीकर राघव कल्ला द्वारा रामपुर बुशहर से सदस्य नीतिका चौहान को अपनी बात रखने का मौका दिया गया.
अपनी बात सदन में उपस्थित सभी बाल मंत्री एवं विधायकों के सामने रखते हुए उन्होंने कहा कि- भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में कानून बहुत बड़ी भूमिका निभाता है. बात अधिकार की हो या सम्मान की कानून सभी नागरिकों के लिए यह सुनिश्चित करता है की उन्हें किसी भी प्रकार की तकलीफ न हो. इसीलिए आम नागरिकों में क़ानूनी जागरूकता बढ़ाने हेतु सरकार को कानून के सरलीकरण पर ध्यान देना चाहिए. इसके तहत गृह-मंत्रालय द्वारा आसान भाषा में किताबे, टूल किट, एनिमेटेड वीडियो विकसित किये जा सकते है.
डिजिटल बाल मेला की फाउंडर जान्हवी शर्मा ने बताया कि इस ऐतिहासिक “बाल सत्र” में 68 बाल विधायक शामिल हुए थे जो 5 राज्यों से आये. इतना ही नहीं इन बच्चों ने सदन में मंत्री एवं विधायकों की कुर्सी पर बैठे हुए पूरे “बाल सत्र” का संचालन. सत्र की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश विधानसभा के स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया द्वारा की गई.
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