जानिए, क्या – क्या बनाते हैं इसे ख़ास …
शिवाक्ष शर्मा …
ऊना हिमाचल प्रदेश का एक जिला है जो दक्षिण पश्चिमी भाग में स्थित है। 1 सितंबर 1972 को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा कांगड़ा जिले को तीन जिलों में ऊना, हमीरपुर और कांगड़ा में पुनर्गठित किया गया। ऊना के प्रसिद्ध स्थानों में चिंतपुरी माता मंदिर, डेरा बाबा बड़ भाग सिंह, डेरा बाबा रूद्र, जोगी पांगा, धर्मशाला महंत, ध्युन्सर महादेव मंदिर, तलमेहरा, शिवबारी मंदिर, गगरेट और मिनी सचिवालय शामिल है। पंजाब राज्य के करीबी निकटता होने के कारण ऊना जिले का औद्योगिक क्षेत्र में काफ़ी विकास हुआ है।
मेहतपुर, गगरेट, टाहलीवाल और अम्ब क्षेत्र ऊना के मुख्य औद्योगिक केंद्र हैं। 11 जनवरी 1991 को ऊना को चौड़ी गेज ट्रैक बिछाने के साथ ही रेलवे लाइन के साथ नंगल (पंजाब) से जोड़ दिया गया जोकि अब बढ़ कर दौलतपुर कस्बे तक पहुँच चुकी है । जिले में पंजाबी, हिंदी, पहाड़ी भाषा सामान्यत: बोली जाती है। यहाँ सर्दियों में तेज ठंड पड़ती है और गर्मियों में पारा 45 डिग्री तक पहुँच जाता है। जुलाई से सितंबर तक मौसम बरसात और नमी भरा रहता है।
ऊना के खड्डों व नालों में सिलिका रेत पाई जाती है। ऊना जिले के पलकवा, हरोली, बाथड़ी खड्डों में चमकदार पत्थर व रेत पाई जाती है। यह भवन निर्माण, पुल, बांध और सड़कें बनाने में प्रयुक्त होती है|
अधिक जानकारी के लिए आप हमारे सोशल Media Handles फॉलो करें|
फेसबुक – https://www.fb.com/digitalbaalmela/
इन्स्टाग्राम – https://instagram.com/digitalbaalmela
ट्विटर – https://twitter.com/DigitalBaalMela
यूट्यूब –

