क्यों बने बाल सरपंच?

Main Bhi Baal Sarpanch

आदित्य शर्मा|

जयपुर| लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी पंचायत होती है, और पंचायत व्यवस्था गाँवों को इसी लोकतंत्र से जोड़ने की सबसे सरल कड़ी भी है| भारत में पंचायती राज की स्थापना इस विश्वास के साथ की गई थी की विकास की रफ्तार महानगरों के दायरे से निकल कर गांवों की पगडंडियों तक पहुंचे| वही दूसरी तरफ ग्रामीण मुद्दे पंचायत के ज़रिये देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद तक पहुंचे| इन मुद्दों को मुखर करने हेतु डिजिटल बाल मेला और यूनिसेफ नयी पीढ़ी के जागरूक नागरिक और ईमानदार नेताओं को तराश रहा है| ऐसे में कई बच्चों के मन में सवाल आता है की हमें इस अभियान से जुड़कर क्या फायदा है? या क्यों बने बाल सरपंच? इसका जवाब है की बाल सरपंच अभियान में जुड़ने से-

• पंचायत में बाल सहभागिता को बढ़ाने के लिए|
• लोकतंत्र के प्रति ज़िम्मेदार भावी नेतृत्व तराशने के लिये|
• पंचायत में बच्चों की आवाज़ को प्रतिनिधित्व देने के लिए|
• बचपन से ही अधिकार और कर्तव्यों की जानकारी बढ़ाने के लिये|
• पंचायत व्यवस्था से जुड़ कर राजनीतिक प्रणाली समझने के लिए|
• पंचायत को “बाल मित्र” बनाकर बच्चों की भूमिका सुद्र्ड करने के लिए|

इतना ही नहीं डिजिटल बाल मेला एक भव्य सत्र का आयोजन भी करेगा जिसमें राजस्थान की ग्राम पंचायत और पंचायत समिति से एक बाल सरपंच जयपुर लाया जाएगा| ये बाल सरपंच अपनी ग्राम पंचायत या पंचायत समिति का प्रतिनिधित्व करेंगे| अपने ग्राम की समस्या या खूबी देश के सामने रखेंगे| आपकी जानकारी के लिए बता दें की इससे पहले भी बाल मेला ऐसा एक अवसर बच्चों को राजस्थान बाल विधानसभा के रूप में दे चुका है| जिसमें बच्चों ने विधायक बन अपनी समस्या देश के सामने रखी थी| इस कार्यक्रम का मौका राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सी.पी जोशी ने बच्चों को दिया था|

“MAIN BHI BAAL SARPANCH” अभियान में भाग लेने के लिए डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट www.digitalbaalmela.com पर रजिस्टर करें या  इस नंबर पर 8005915026 पर रजिस्टर करें|  जानकारी के लिए डिजिटल बाल मेला के सोशल मीडिया हैंडल्स फॉलो करें…….

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