रंगमंच को पाठ्यक्रम में जोड़ने पर दिया ज़ोर…
आदित्य शर्मा.
शिमला. केंद्र सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा 2020 में नयी शिक्षा नीति का निर्माण किया गया, जो अभी विद्यालयों में लागू होनी लंबित है बच्चों की सरकार कैसी हो? अभियान के तहत इस शिक्षा नीति से प्रभावित हो, कई बच्चों ने हिमाचल सरकार से आग्रह किया कि राज्य द्वारा पुरानी शिक्षा व्यवस्था को बदल नयी शिक्षा नीति का निर्माण करना समय की मांग है. ऐसे में कई बच्चों ने इस नीति में क्या किया जाना चाहिए यह बताया और इन सभी बच्चों की आवाज़ बनी बिहार से चयनित बाल विधायिका सृष्टि रानी.
बाल विधायक सृष्टि रानी का सुझाव-
उन्होंने विशेष बाल सत्र में चल रही नियम 324 की कार्यवाही के तहत सरकार से नयी शिक्षा नीति के निर्माण की मांग की. इस शिक्षा नीति में व्यावहारिक शिक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की बात कही. इसी के साथ बाल विधायक सृष्टि ने बच्चों की अभिव्यक्ति और व्यक्तित्व के विकास के लिए रंगमंच को पाठ्यक्रम में जोड़ने की मांग सरकार से कि. उन्होंने अपने उद्बोधन में यह सुझाव रखा कि सरकार को विद्यालयों में विदेशों की तरह लॉकर भी बनवाने चाहिए, जिससे बच्चों को रोज़ किताबों का बोझ न ढोना पड़े.
डिजिटल बाल मेला की फाउंडर जान्हवी शर्मा ने बताया कि सृष्टि बिहार के मोतिहारी जिले से आती है, एवं वह वर्तमान में भारत के प्रसिद्ध बालिका विद्यालयों में से एक वनस्थली विद्यापीठ से अपनी स्कूली शिक्षा ग्रहण कर रही है.
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