आदित्य शर्मा।
जयपुर। “मैं भी बाल सरपंच” अभियान के तहत डिजिटल बाल मेला और यूनिसेफ राजस्थान में कुछ ऐसा करने जा रहे हैं, जो इसके पहले ना कभी हुआ है और ना किसी ने ऐसा कुछ सुना है। इसकी नींव आमेर के जयरामपुरा से रखी गयी। इस ग्राम पंचायत में बच्चों की पहली बाल पंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों को अपने सरपंच को ग्राम पंचायत की समस्या बताने और उनके निवारण का मौका मिला। जिन समस्याओं का निवारण सरपंच के अधिकार से बाहर था उन पर भी चर्चा की गयी। इस पंचायत के बाल सरपंच के चुनाव हुए जिसमें 20 से ज्यादा बाल प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी पेश की।
आमेर ब्लॉक में आयोजित इस पंचायत मे 250 से भी ज्यादा बच्चों ने पंचायत प्रणाली को जाना और इससे वह सहज हुए। इस पहल के तहत जयरामपुरा पंचायत को “बाल मित्र” बनाने का प्रयास किया गया, जिसके तहत अब सरपंच के साथ मासिक जनसुनवाई में बाल सरपंच भी भाग लेगा।
डिजिटल बाल मेला और यूनिसेफ इस प्रयास से ऐसा ही कुछ पूरे राजस्थान में करने की कोशिश करेंगे। अगले 3 महीनो में राजस्थान की 5,000 से भी ज्यादा पंचायतों में बाल पंचायत का आयोजन किया जाएगा और बच्चों को इस प्रणाली से सहज किया जाएगा, जिसके चलते नयी पीढ़ी जागरूक नागरिक और अच्छे नेता उभरकर निकलेगी। यह अभियान लोकतंत्र की सबसे निचली कड़ी को मजबूती भी प्रदान करेगा।
“मैं भी बाल सरपंच” अभियान में भाग लेने के लिए डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट www.digitalbaalmela.com पर रजिस्टर करें या इस नंबर पर 8005915026 पर रजिस्टर करें। जानकारी के लिए डिजिटल बाल मेला के सोशल मीडिया हैंडल्स फॉलो करें…….
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