परिवहन, शौचालयों आदि विषयों पर भी दिखाई गंभीरता …
गर्वित शर्मा
जयपुर : डिजिटल बाल मेला और यूनिसेफ द्वारा शुरू किया गया “मैं भी बाल सरपंच” अभियान राज्य से सातों संभागों की यात्रा पूरी कर चुका है| सात संभागों में 10 “बाल पंचायतों” में लगभग 130 बच्चों ने “बाल सरपंच” बनने के लिए दावेदारी पेश की| इन बच्चों ने जहाँ एक तरफ अपने गाँव की समस्याओं से सरपंच सहित अन्य प्रतिनिधियों को अवगत कराया वहीँ दूसरी तरफ उन समस्याओं का समाधान भी बच्चों ने बताया| बच्चों ने अपनी दावेदारी पेश करते हुए बताया कि यदि उन्हें बाल सरपंच के रूप में चुना जाता है तो वह क्या क्या विकास कार्य करेंगे|
बच्चों ने अपनी दावेदारी के दौरान अपनी ग्राम पंचायत में शिक्षा के लिए स्कूल कॉलेज – खुलाने, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कन्या विद्यालय खुलवाने, महिलाओं के लिए सेनेटरी पेड़ का वितरण कराने, अपने गाँव में शराब बंदी कराने, खेलों को बढ़ावा देने के लिए स्टेडियम का निर्माण कराने, महिलाओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने, सार्वजनिक परिवहन के साधनों की व्यवस्था करने, विद्यालयों में साफ – सफाई, विधालयों के शौचालयों की सफाई आदि मुद्दे मतदाता बच्चों के सामने रखे|
डिजिटल बाल मेला की जान्हवी शर्मा ने बताया कि सभी संभागों से मतदान के बाद “बाल सरपंच”, “बाल उप-सरपंच” तथा “बाल पंच” का चुनाव किया गया है| ये सभी “बाल प्रतिनिधि” जयपुर पहुँचेंगे व यहाँ आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे, जहाँ अपनी ग्राम पंचायत, जिले व संभाग की समस्याओं को सबके सामने रखेंगे|
यदि आपका बच्चा भी नेतृत्व की क्षमता रखता है और “बाल सरपंच” बनकर अपने गाँव का विकास करना चाहता है तो आज ही वीडियों बनाकर भेजें डिजिटल बाल मेला के मोबाइल नंबर +918005915026 पर| अधिक जानकारी के लिए डिजिटल बाल मेला के सोशल मीडिया हैंडल्स को फॉलो करें –
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