बाल सत्र में सरकार की वित्तीय निति पर उठाया प्रश्न ।
साक्षी ठाकुर.
शिमला. 12 जून को हिमाचल प्रदेश विधानसभा स्पीकर की अध्यक्षता में राज्य ऐतिहासिक बाल सत्र का साक्षी बना. इस विशेष सत्र के लिए देश भर से 68 बच्चों का चयन किया गया था, जिसकी प्रक्रिया कुल तीन माह चली थी. “बाल प्रतिनिधि” बाल मुद्दों पर अपनी आवाज़ शिमला स्थित विधानसभा भवन में मुखर करते नज़र आए. बिलासपुर के जी एस एस एस पंजगैन में पढ़ रही शालिनी ठाकुर का चयन भी इस सत्र के लिए विपक्ष के विधायक के रूप में किया गया.
विपक्ष में बैठी शालिनी ने सरकार से सवाल पूछते हुए कहा -“राज्य पर 75,000 करोड़ के क़र्ज़ को ख़त्म करने की दिशा में वित्त विभाग द्वारा क्या कार्य किये जा रहे है? साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में ऑ.पी.एस बहाल की गई है, ऐसे में इतने क़र्ज़ के होते हुए क्या सरकार द्वारा यह स्कीम लागू करने से विभाग पर पहले से चल रहा वित्तीय संकट नहीं गहराएगा? क्या विभाग ऑ.पी.एस लागू करने के बाद सरकारी कर्मचारियों द्वारा व्यय की जाने वाली अनावश्यक राशी के रोकथाम हेतु कोई कार्य कर रहा है?”
शालिनी के इस प्रशन का जवाब वित्त मंत्री फैजान ने दिया|
इस सत्र में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्य के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू एवं बतौर विशिष्ठ अतिथि राज्यसभा उप-सभापति श्री हरिवंश नारायण सिंह शामिल हुए. इस सत्र की ख़ास बात यह रही की बच्चों ने ही मुख्यमंत्री, नेता-प्रतिपक्ष, स्पीकर समेत सभी पदों की भूमिका निभाई व एक दिन के लिए राज्य की विधानसभा का संचालन किया.
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