राजस्थान में पहली बार “बाल सरपंच” अधिवेशन…..

राजधानी जयपुर में तीन दिनों तक “बाल मुद्दों” पर होगा मंथन…

आदित्य शर्मा।

जयपुर। डिजिटल बाल मेला और यूनिसेफ द्वारा शुरू किए गए अभियान “मैं भी बाल सरपंच” के तहत 25 से 27 दिसम्बर को गुलाबी नगरी में प्रदेश के सभी संभागों की आवाज बुलंद होगी। मौका होगा राजधानी जयपुर में आयोजित होने वाली “तीन दिवसीय बाल पंचायत” का ।
इस बाल पंचायत में शामिल होंगे राजस्थान के 7 संभागों के 30 वो बाल प्रतिनिधि जिन्हें वहा की बाल पंचायत ने अपना प्रतिनिधि चुना था। यह सभी बाल प्रतिनिधि बाल सरपंच, उपसरपंच, और बाल पंच के रूप में राज्य स्तर पर होने वाली पहली “बाल पंचायत” में अपनी बात रखेंगे।

त्रि–दिवसीय इस बाल पंचायत की शुरुआत 25 दिसराजस्थान में पहली बार “बाल सरपंच” अधिवेशन…..

राजधानी जयपुर में तीन दिनों तक “बाल मुद्दों” पर होगा मंथन…
आदित्य शर्मा।

जयपुर। डिजिटल बाल मेला और यूनिसेफ द्वारा शुरू किए गए अभियान “मैं भी बाल सरपंच” के तहत 25 से 27 दिसम्बर को गुलाबी नगरी में प्रदेश के सभी संभागों की आवाज बुलंद होगी। मौका होगा राजधानी जयपुर में आयोजित होने वाली “तीन दिवसीय बाल पंचायत” का ।
इस बाल पंचायत में शामिल होंगे राजस्थान के 7 संभागों के 30 वो बाल प्रतिनिधि जिन्हें वहाँ की बाल पंचायत ने अपना प्रतिनिधि चुना था। यह सभी बाल प्रतिनिधि (बाल सरपंच, उपसरपंच, और बाल पंच) के रूप में राज्य स्तर पर होने वाली पहली “बाल पंचायत” में अपनी बात रखेंगे।

इस त्रि–दिवसीय बाल पंचायत की शुरुआत 25 दिसम्बर से की जाएगी जिसमें राजनीति की समझ रखने वाले दिग्गज इन बच्चों से संवाद करेंगे, साथ ही इन बच्चों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा।

दूसरे दिन “बाल सरपंचों” को विधानसभा के ऐतिहासिक संग्रहाल, पंचायती राज भवन, और अल्बर्ट हॉल दिखाया जाएगा, जहां ये “बाल प्रतिनिधि” राजस्थान का राजनीतिक इतिहास और दिग्गज नेताओं के बारे में जानेंगे। इस “त्रि–दिवसीय बाल पंचायत” के आखिरी दिन याने कि 27 दिसम्बर को बच्चे “बाल आयोग” भवन देखेंगे व इसकी कार्यप्रणाली समझेंगे। “बाल प्रतिनिधि” इस ही दिन जयपुर का विश्व प्रसिद्ध हवामहल भी देखेंगे।

आपकी जानकारी के लिए बता दें, की यह सभी “बाल सरपंच” राजस्थान भर से चुनकर आए है। 15 अगस्त को शुरु किए गए इस अभियान “मैं भी बाल सरपंच” में राजस्थान के 7 संभागों की 10 ग्राम पंचायत में इन “बाल पंचायत” का आयोजन किया गया। इनमें 50 से भी ज्यादा विद्यालय के 5000 बच्चे जुड़े। डिजिटल बाल मेला की जान्हवी शर्मा ने बताया “बाल सरपंच” अधिवेशन का मकसद बच्चों के विचारों को सरकार तक पहुंचाना है।म्बर से की जाएगी जिसमें राजनीति की समझ रखने वाले दिग्गज इन बच्चों से संवाद करेंगे, साथ ही इन बच्चों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा।

दूसरे दिन “बाल सरपंचों” को विधानसभा के ऐतिहासिक संग्रहाल, पंचायती राज भवन, और अल्बर्ट हॉल दिखाया जाएगा, जहां ये “बाल प्रतिनिधि” राजस्थान का राजनीतिक इतिहास और दिग्गज नेताओं के बारे में जानेंगे। इस “त्रि–दिवसीय बाल पंचायत” के आखिरी दिन याने कि 27 दिसम्बर को बच्चे “बाल आयोग” भवन देखेंगे व इसकी कार्यप्रणाली समझेंगे। “बाल प्रतिनिधि” इस ही दिन जयपुर का विश्व प्रसिद्ध हवामहल भी देखेंगे।

आपकी जानकारी के लिए बता दें, की यह सभी “बाल सरपंच” राजस्थान भर से चुनकर आए है। 15 अगस्त को शुरु किए गए इस अभियान “मैं भी बाल सरपंच” में राजस्थान के 7 संभागों की 10 ग्राम पंचायत में इन “बाल पंचायत” का आयोजन किया गया। इनमें 50 से भी ज्यादा विद्यालय के 5000 बच्चे जुड़े। डिजिटल बाल मेला की जान्हवी शर्मा ने बताया “बाल सरपंच” अधिवेशन का मकसद बच्चों के विचारों को सरकार तक पहुंचाना है।

जयपुर। डिजिटल बाल मेला और यूनिसेफ द्वारा शुरू किए गए अभियान “मैं भी बाल सरपंच” के तहत 25 से 27 दिसम्बर को गुलाबी नगरी में प्रदेश के सभी संभागों की आवाज बुलंद होगी। मौका होगा राजधानी जयपुर में आयोजित होने वाली “तीन दिवसीय बाल पंचायत” का ।
इस बाल पंचायत में शामिल होंगे राजस्थान के 7 संभागों के 30 वो बाल प्रतिनिधि जिन्हें वहा की बाल पंचायत ने अपना प्रतिनिधि चुना था। यह सभी बाल प्रतिनिधि बाल सरपंच, उपसरपंच, और बाल पंच के रूप में राज्य स्तर पर होने वाली पहली “बाल पंचायत” में अपनी बात रखेंगे।

त्रि–दिवसीय इस बाल पंचायत की शुरुआत 25 दिसम्बर से की जाएगी जिसमें राजनीति की समझ रखने वाले दिग्गज इन बच्चों से संवाद करेंगे, साथ ही इन बच्चों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा।

दूसरे दिन “बाल सरपंचों” को विधानसभा के ऐतिहासिक संग्रहाल, पंचायती राज भवन, और अल्बर्ट हॉल दिखाया जाएगा, जहां ये “बाल प्रतिनिधि” राजस्थान का राजनीतिक इतिहास और दिग्गज नेताओं के बारे में जानेंगे। इस “त्रि–दिवसीय बाल पंचायत” के आखिरी दिन याने कि 27 दिसम्बर को बच्चे “बाल आयोग” भवन देखेंगे व इसकी कार्यप्रणाली समझेंगे। “बाल प्रतिनिधि” इस ही दिन जयपुर का विश्व प्रसिद्ध हवामहल भी देखेंगे।

आपकी जानकारी के लिए बता दें, की यह सभी “बाल सरपंच” राजस्थान भर से चुनकर आए है। 15 अगस्त को शुरु किए गए इस अभियान “मैं भी बाल सरपंच” में राजस्थान के 7 संभागों की 10 ग्राम पंचायत में इन “बाल पंचायत” का आयोजन किया गया। इनमें 50 से भी ज्यादा विद्यालय के 5000 बच्चे जुड़े। डिजिटल बाल मेला की जान्हवी शर्मा ने बताया “बाल सरपंच” अधिवेशन का मकसद बच्चों के विचारों को सरकार तक पहुंचाना है।

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