रोहित ठाकुर के हिमाचल प्रदेश के शिक्षामंत्री तक का सफर

पढ़िए कैसे किया तय ।

शिवाक्ष शर्मा

जुब्बल-कोटखाई के बर्थाटा क्षेत्र से आने वाले रोहित ठाकुर का जन्म शिमला में हुआ. 14 अगस्त, 1974 को पिता जगदीश ठाकुर और माता सरिता ठाकुर के घर जन्मे रोहित ठाकुर का नाता राजनीति से बेहद छोटी उम्र में जुड़ गया था. उनके दादा ठाकुर रामलाल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे. रोहित ठाकुर ने राजनीतिक शास्त्र में बीए ऑनर्स की पढ़ाई की. अपने दादा के पद चिन्हों पर चलते हुए रोहित ठाकुर ने यूथ कांग्रेस से अपने राजनीतिक सफ़र की शुरुआत की. रोहित ठाकुर साल 2002 से साल 2004 तक हिमाचल प्रदेश यूथ कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य रहे. साल 2002 से अब तक रोहित ठाकुर जुब्बल-कोटखाई से हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य भी हैं. इस बीच साल 2008 से साल 2011 तक वे हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव भी रह चुके हैं.रोहित ठाकुर के दादा ठाकुर रामलाल प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. इससे पहले रामलाल ठाकुर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भी रहे. हालांकि रोहित के पिता ने राजनीति में सक्रिय तौर पर कोई भूमिका नहीं निभाई. रोहित ने ही दादा की विरासत को आगे बढ़ाया. ठाकुर रामलाल के देहांत के बाद साल 2003 में वो पहली बार जुब्बल-कोटखाई से चुनाव मैदान में उतरे और विधानसभा के सदस्य बने.
साल 2003 के बाद रोहित को साल 2012 के विधानसभा चुनाव में जीत मिली. इसके बाद साल 2021 के उपचुनाव और फिर साल 2022 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर रोहित ठाकुर चौथी बार जीतकर विधानसभा पहुंचे.
साल 2012 में जीत के बाद रोहित ठाकुर को साल 2013 से साल 2017 तक बागवानी विभाग के मुख्य संसदीय सचिव की जिम्मेदारी भी दी गई।
रोहित ठाकुर को साल 2003 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद साल 2007 और फिर साल 2017 में हार का सामना भी करना पड़ा.
2023 में गठित नयी सरकार में रोहित को शिक्षा मंत्री का कार्यभार सौंपा गया।

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