विश्व रोगी सुरक्षा दिवस पर रामनगर की वंशिका ने व्यक्त किये अपने विचार 

इस दिवस के बारे में जागरूकता बढ़ाना है इसका मुख्या उद्देश्य 

बाल लेखक वंशिका 

विश्व रोगी सुरक्षा दिवस हर साल 17 सितंबर को मनाया जाता है ।इसकी शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)द्वारा 2019 को की गई थी जब 72वी स्वास्थ्य सभा ने “रोगी सुरक्षा पर वैश्विक कार्रवाई ” पर प्रस्ताव WHA 72.6 को अपनाया था ।यह विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रायोजित 11 वैश्विक स्वास्थ्य अभियानों में से एक है। तब से लेकर यह दिवस आज भी मनाया जाता है।

हम इस दिवस को मानते तो हैं परंतु हमने कभी इस दिवस का महत्व समझने का प्रयास नहीं किया कि आखिर क्या है इस दिवस का महत्व ?

परंतु हमें इस दिवस के महत्व को समझने से पहले इस दिवस के उद्देश्य समझने होंगे । इस दिवस के उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
1.जागरूकता बढ़ाना ।
2.खुले संचार को बढ़ावा देना ।
3.चिकित्सा संबंधी त्रुटियों को कम करना।
4.मरीजों को सशक्त बनाना।
5.स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों को शामिल करना।
परंतु इन में से सबसे महत्वपूर्ण तथा प्राथमिक उद्देश्य इस दिवस के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना  है।क्योंकि आज कल के बहुत से लोग स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े जोखिमों से अनजान हैं , और यह दिन उन्हें उनके अधिकारों और उन्हें उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में शिक्षित करने का प्रयास करता है । इसलिए जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य सबसे महत्वपूर्ण है।अब इस दिवस के उद्देश्य के बारे में बताने के बाद अब मैं आप सभी के साथ इस दिवस के महत्व के बारे में बताना चाहूंगी । यह दिवस एक पहल है जिसका महत्व स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं , नीति निर्माताओं और आम जनता को इसमें सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाना और लोगों को प्रोत्साहित करना है।  यह सुनिश्चित करना की रोगियों को अनावश्यक नुकसान का अनुभव किए बिना उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल प्राप्त करवाना है। इसलिए हमें इस दिवस के महत्व को बढ़ावा देने के लिए, लोगों में सुरक्षित स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देना चाहिए। गावों के लोगों में भी स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूकता फैलानी चाहिए और इसके अलावा हमें आज की युवा पीढ़ी में भी इस दिवस के प्रति जागरूकता बढ़ानी चाहिए। अगर आज की युवा पीढ़ी स्वस्थ होगी तभी आने वाला कल अच्छा होगा और अनेक उपायों का अनुसरण करना चाहिए जैसे: हाथ स्वच्छता,संक्रमण नियंत्रण प्रयास,रोगी को शिक्षित करना आदि।और इस दिन का मकसद ही यही है की वार्षिक अनुस्मारक के रूप में कार्य करना । अंत में मैं अपने शब्दों को विराम देते हुए कहना चाहती हूं कि:
“रह जाएंगे सपने अधूरे ,
अगर नहीं होंगे शरीर स्वस्थ पूरे “

डिजिटल बाल मेला बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता है । सभी बच्चे इस दिवस के बारे में समझे और इसे बढ़ावा देने के लिए हर आवश्यक कदम उठायें । वंशिका ने यह आर्टिकल भेजकर सभी को इस दिवस के बारे में जागरूक करने का प्रयास किया है। आप भी सितम्बर माह में आने वाले महत्वपूर्ण दिनों पर आर्टिकल लिखकर हमें भेज सकते हैं । इस प्रतियोगिता में विजेता बच्चे को “राइटर ऑफ़ द  मंथ” के खिताब से नवाजा जायेगा| इसके आलावा उसे 1100 रुपये का नकद ईनाम भी दिया जाएगा| आपको अपने आर्टिकल डिजिटल बाल मेला के मोबाईल नंबर  8005915026 पर भेजने हैं | किसी भी प्रकार की समस्या आने पर आप हमें कॉल भी कर सकते हैं ।

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