जमीर जिंदा रख, कबीर ज़िंदा रख ,
बाल लेखिका वैशाली।
सुल्तान भी बन जाए तो, दिल में हमेशा फकीर ज़िंदा रख,
हौसले के तरकश में कोशिश का वो तीर ज़िंदा रख,
हार जा रहे जिंदगी में सब कुछ, मगर फिर से जीतने की उम्मीद ज़िंदा रख।
नमस्कार मेरा नाम वैशाली है। मैं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सनोली में दसवीं कक्षा की छात्रा हूं। मेरा आज का विषय है सफलता।
दोस्तों..जिंदगी में अगर आगे बढ़ना है तो कभी निर्भर मत रहना गैरों पर।
क्योंकि मंजिल उन्हीं को मिलती है जो खड़े होते है अपने पैरों पर।
दोस्तों क्या तुम नहीं चाहते कि जब तुम टॉप करो तो तुम्हारे मां-बाप की आंखों में खुशी के आँसू आ जाए? क्या तुम नहीं चाहते कि जब तुम जिंदगी में कुछ बड़ा करो तो अपने मां-बाप के उन अधूरे सपनों को पूरा कर पाओ जो शायद उन्होंने तुम्हारी तरक्की के लिए त्याग दिए थे?
देस्तों.. चाहे हम लाखों बार क्यों न असफल हो जाएं पर हमें प्रयास करते रहना चाहिए। क्योंकि..
प्रयास छोटा ही सही लेकिन लगातार होना चाहिए, बारिश की बूंदे भले ही छोटी हो लेकिन उनका लगातार बरसना बड़ी नदी का बहाव बन जाता है।
इसलिए..बेहतर से बेहतर की तलाश करो
मिल जाए नदी तो समंदर की तलाश करो,
टूट जाता है शीशा पत्थर की चोट से
टूट जाए पत्थर ऐसा शीशा तलाश करो |
दोस्तों अगर आपको अपने जीवन में सफल होना है तो आपको अपनी मंजिल के पास खुद जाना पड़ेगा..इसलिए कहते हैं :
तन्हा बैठकर न देख, हाथों की लकीर अपनी, उठ बाँध कमर और लिख दे, खुद तकदीर अपनी
तकदीर के खेल से निराश नहीं होते.
जिंदगी में ऐसे कभी उदास नहीं होते,
हाथों की लकीरों पर क्यों भरोसा करते हो, तकदीर उनकी भी होती है जिनके हाथ नहीं होते।
धन्यवाद||
डिजिटल बाल मेला बच्चों के बीच जागरूकता पैदा करने और उनकी कला को प्रदर्शित करने के लिए बच्चों द्वारा स्थापित एक मंच है।
डिजिटल बाल मेला ने सितंबर माह के महत्वपूर्ण दिनों पर एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता के अंत में जिस बच्चे की लेखन कला सबसे अच्छी होगी उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। आप भी इसमें भाग ले सकते हैं। आपके द्वारा लिखे गए लेख डिजिटल बाल मेला में भेजें। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को उनकी फोटो के साथ डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।
डिजिटल बाल मेला बच्चों के लिए अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता दिखाने का एक अभिनव मंच है। इसकी शुरुआत 2020 में जयपुर की 10 वर्षीय लड़की जान्हवी शर्मा ने की थी। डिजिटल बाल मेला ने अब तक कई अभियान चलाए हैं जिनमें “राजस्थान विधानसभा बाल सत्र”, “हिमाचल प्रदेश विधानसभा बाल सत्र”, “मैं भी” शामिल हैं। बाल सरपंच” आदि।
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