‘हिल स्टेशनों की रानी’, शिमला की कहानी …

पढ़िए, हिमाचल प्रदेश का छोटा सा शहर किस प्रकार बना प्रदेश की राजधानी ..

शिवाक्ष शर्मा|

जिला शिमला हिमाचल की राजधानी और एक प्रमुख जिला भी है। जैसे हिमाचल प्रदेश का अपना इतिहास है वैसे ही शिमला शहर का भी अपना इतिहास है। शिमला पहले एक छोटा शहर था, जहाँ से वर्तमान शिमला को इसका नाम मिला। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले का नाम हिंदू देवी देवताओं से जुड़ा हुआ है। शिमला में एक मंदिर का निर्माण हुआ था जिसका नाम श्यामला देवी था और इसी माता के नाम पर शिमला का नामकरण माना गय। शिमला सात पहाड़ियों की चोटी पर बसा हुआ है। हालांकि धीरे-धीरे विकास होने के बाद यह अन्य दिशाओं में भी फैलता गया, लेकिन इसकी शुरुआत इन सात पहाड़ियों से ही शुरू हुई – प्रॉस्पेक्ट हिल, ऑब्जर्वेटरी हिल, इनवरम हिल, समर हिल, जाखू हिल, एलिसियम हिल और बैंटनी हिल।

                               शिमला के खोज का श्रेय लेफ्टिनेंट रोज को जाता है उन्होंने 1819 में लगभग 28 रियासतों को एकत्रित करके शिमला नामक शहर की खोज की थी। लेफ्टिनेंट रोज ने सबसे पहले यहां लकड़ी के घर का निर्माण किया था। शिमला में पक्के घर का निर्माण 1822 ई. चार्ल्स पेटी कैनेडी ने करवाया था। यह घर अभी भी शिमला में मौजूद है जो केनेडी हॉउस के नाम से जाना जाता है। शिमला को अपने कब्जे में लेने के लिए ब्रिटिश और गोरखाओं के बीच युद्ध हुआ था।

गोरखाओं ने शिमला के आसपास अपने कई किले बनाने शुरू कर दिए। शिमला का जगतगढ़ का किला इनमें से एक है। यह किला जतोग नामक जगह पर बनाया गया था| भारतीय सेना की छावनी आज भी वहाँ मौजूद है। 1808 में जब गोरखाओं ने अपने हमलों में विस्तार किया और यमुना नदी और सतलुज नदी के बीच जितने भी किले थे उन पर सभी पर अपना कब्ज़ा कर लिया। उन्होंने इस क्षेत्र पर कब्ज़ा करके अर्की को अपनी राजधानी बनाया। अर्की आज सोलन जिले की तहसील है। गोरखाओं ने अर्की को राजधानी बना कर वहां पर क्रुर शासन शुरू कर दिया। आखिरकार वहां के लोगों ने और पहाड़ी राज्यों ने गोरखाओं के अत्याचार से बचने के लिए ब्रिटिश शासन की ओर रूख किया और ब्रिटिश सेना ने गोरखाओं के अत्याचार को देखते हुए मेजर जनरल सर डेविड ऑक्टरलोनी के नेतृत्व में एक छोटी ब्रिटिश सेना वहां भेजी। पहाड़ी राजाओं ने इसमें ब्रिटिश का साथ दिया। रामगढ की लड़ाई गोरखों और अंग्रेजो  के बिच हुए खतरनाक लड़ाई थी जो नालागढ़ में लड़ी गई थी। नालागढ़ आज सोलन जिले की तहसील है। आखिरकार ब्रिटिश सेना और गोरखाओं के बीच निर्णायक युद्ध 15 मई, 1815 को माला की लड़ाई को माना जाता है। इसमें ब्रिटिश सेना ने तोपों का इस्तेमाल किया और गोरखों पर जबरदस्त हमला किया। लड़ाई ने गोरखों के सभी किलों का अंत कर दिया और शिमला के अधिकांश भागों को अपने शासन में मिला लिया। ब्रिटिश समय में शिमला अंग्रेजों की ग्रीष्मकालीन राजधानी हुआ करता था|

1 सितंबर 1972 को शिमला हिमाचल प्रदेश का जिला बना। 1972 में हिमाचल प्रदेश के अपने ही जिले थे उनका पुनर्गठन हुआ। इसमें शिमला में स्थित महासू जिले ने अपना अस्तित्व खो दिया और इस हिस्से का विलय शिमला जिला में कर दिया गया। एक जरूरी बात है की शिमला जिले को जब भारतीय संघ में मिलाया गया था। तब वहाँ का शासक दिग्विजय सिंह थे। शिमला का वर्तमान अस्तित्व 1 सितंबर 1972 से ही माना जाता है। शिमला जिले का मुख्यालय शिमला ही है। इस वक्त शिमला जिले के 11 उपखंड, 17- तहसील, 17 उप-तहसील और 12 ब्लॉक है।

शिमला शहर जाखू पहाड़ी, प्रोस्पेक्ट पहाड़ी, ओब्जरवेटरी पहाड़ी, समर पहाड़ी और एल्सिज्म पहाड़ी स्थित है, जिसमें जाखू सबसे ऊँची पहाड़ी है। शिमला शहर की जाखू चोटी. चायल की सियाह चोटी, चौपाल तहसील की चुडधार, रोहणू तहसील की चांसल चोटी, सुन्नी तहसील की शाली चोटी और कुमारसेन तहसील की हाटु चोटी शिमला जिले की प्रसिद्ध चोटियाँ है। शिमला शहर जाखू पहाड़ी, प्रोस्पेक्ट पहाड़ी, ओब्जरवेटरी पहाड़ी, समर पहाड़ी और एल्सिज्म पहाड़ी स्थित है, जिसमें जाखू सबसे ऊँची पहाड़ी है। शिमला शहर की जाखू चोटी. चायल की सियाह चोटी, चौपाल तहसील की चुडधार, रोहणू तहसील की चांसल चोटी, सुन्नी तहसील की शाली चोटी और कुमारसेन तहसील की हाटु चोटी शिमला जिले की प्रसिद्ध चोटियाँ है।

 ‘हिल स्टेशनों की रानी’ के नाम से देश – विदेश के लोगों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है. शिमला भारत का पसंदीदा पर्यटन स्थल में से एक है | शिमला पर्यटन स्थलों से  भरपूर है जैसे की समर हिल्स,जाखू हिल,दी स्कैंडल पॉइंट, रिज,इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ एडवांस्ड स्टडीज,दी शिमला स्टेट म्यूजियम,अन्नान्दाले,नालदेहरा एंड शैली पीक,चाडविक फॉल,कुफरी,चैल,दरानघाटी अभयारण्य आदि|

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