हर दिन 10 मिनट योग-मैडिटेशन के सुझाव पर मुख्यमंत्री का ऐलान, बोले- सरकार जरुर लाएगी ऐसा प्रावधान
शिमला।हिमाचल प्रदेश में सोमवार, 12 जून का दिन स्वर्णिम रहा। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में डिजिटल बाल मेला द्वारा ‘बाल सत्र’ का सफल आयोजन किया गया। बाल सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शामिल हुए। देशभर से चयनित 68 बाल विधायकों ने मुख्यमंत्री, अध्यक्ष, मंत्री और सत्ता पक्ष-विपक्ष बनकर सदन की कार्यवाही में हिस्सा बने। सत्ता पक्ष-विपक्ष ने कई गंभीर मुद्दे उठाए और बाल सरकार को कई सुझाव भी दिए।
विधानसभा में मौजूद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बाल सत्र की कार्यवाही को सराहनीय बताया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि बच्चों के सुझावों को नीति निर्माण में शामिल किया जाएगा। बाल सत्र में पूछे गए सवालों को सरकार प्रावधान में लाएगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने बाल सत्र में पूछे गए सवालों को बेहद प्रभावी बताया।
सुझाव पर प्रावधान लाने का ऐलान
बाल विधायक इक्षिता के सुझाव, ”कोरोना के बाद मानसिक परेशानियां, डिप्रेशन, स्ट्रेस, टेंशन जैसी समस्याएं खड़ी हो गईं हैं। ऐसे में सरकारी और प्राइवेट स्कूल में 10 मिनट के लिए हर रोज योग और मैडिटेशन का प्रावधान लाया जाना चाहिए” इसपर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विशेष ध्यान दिया और विधानसभा ‘बाल सत्र’ में ऐलान किया कि हर रोज योग और मैडिटेशन के सुझाव को सरकार प्रदेश में जरूर प्रावधान में लाएगी।
बाल सत्र से रखी गई नए हिमाचल की नींव
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा की विधानसभा बाल सत्र के माध्यम से आज नये हिमाचल की नींव रखी गई। इस दौरान उन्होंने बाल सत्र में चयनित सभी बच्चों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनायें देते हुए कहा कि आप लोगों के भविष्य की तैयारी अच्छी है, आगामी कुछ वर्षों में आप ही में से इस कुर्सी तक जरूर पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बाल सत्र की मुख्यमंत्री जाह्नवी को शुभकामनाएं दी और डिजिटल बाल मेला के कार्यक्रम ‘बच्चों की सरकार कैसी हो’ को बेहद सराहनीय बताया।

