देवनारायण छात्रावास सुविधा योजना
यह एक राजस्थान सरकार की पहल है जिसमें राज्य के पिछड़े वर्ग के बच्चों में शिक्षा के आयाम को बेहतर एवं शिक्षा को बढ़ावा देना है।
पात्र ऐसे करें आवेदन :
- वर्ग
विद्यार्थी विशेष पिछड़ा वर्ग (SBC) से संबंधित होना चाहिए।
जैसे: गुर्जर, रेबारी, गाड़िया लोहार, राइका आदि।
- शैक्षणिक योग्यता
विद्यार्थी कक्षा 6 से लेकर कॉलेज / उच्च शिक्षा में अध्ययनरत हो।
किसी मान्यता प्राप्त स्कूल/कॉलेज में नियमित छात्र होना आवश्यक है।
- निवास
आवेदक राजस्थान का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- पारिवारिक आय
परिवार की वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर हो।
सामान्यतः यह सीमा ₹2.5 लाख प्रति वर्ष तक होती है (जिला/वर्ष के अनुसार परिवर्तन संभव है)।
- अन्य शर्तें
विद्यार्थी किसी अन्य सरकारी छात्रावास योजना का लाभ नहीं ले रहा हो।
पढ़ाई में अनुशासन और नियमित उपस्थिति अनिवार्य है।
योजना लाभ :
- निःशुल्क छात्रावास सुविधा –
विद्यार्थियों को रहने की निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है।
- सुरक्षित एवं सुविधायुक्त आवास –
छात्रावास में सुरक्षित वातावरण, साफ-सफाई और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध होती हैं।
- पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल
शांत वातावरण मिलने से विद्यार्थी पढ़ाई पर बेहतर ध्यान दे पाते हैं।
- शिक्षा में निरंतरता
दूर-दराज़ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्कूल/कॉलेज के पास रहने की सुविधा मिलती है।
- आर्थिक सहायता
परिवार पर आवास एवं रहने के खर्च का बोझ कम होता है।
- अनुशासन और व्यक्तित्व विकास
छात्रावास जीवन से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सामाजिक विकास होता है।
आवेदन कहां किया जाये :
छात्रवास में प्रवेश के लिये अभ्यर्थी द्वारा जिला अधिकारी , सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को समाज कल्याण अधिकारी को आवेदन जायेगा।
आवश्यक दस्तावेज :
- मान्यता प्राप्त सरकारी विद्यालय एवं महाविद्यालय में अध्ययनरत प्रमाण – पत्र की प्रति।
- आय प्रमाण पत्र की प्रति।
- राजस्थान मूल निवास प्रमाण – पत्र की प्रति।
- जाति प्रमाण – पत्र की प्रति।
- दो फोटो।
बाल संदर्भ केंद्र , हरिश्चन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान
