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जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति, कला और स्थानीय विरासत को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।

बांसवाड़ा जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे अथर्व जोशी ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले की जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित जीवनशैली की आकर्षक झलक प्रस्तुत की। उन्होंने बांस (Bamboo) से बने पारंपरिक उत्पादों, स्थानीय जनजातीय हस्तशिल्प तथा बांसवाड़ा के पारंपरिक खाद्य उत्पादों को प्रदर्शित कर जिले की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को प्रभावशाली […]

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति, कला और स्थानीय विरासत को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। Read More »

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय पहचान को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत कर सभी को प्रभावित किया।

चूरू जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे विकास सुथार और यावी पारीक ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले की पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों की शानदार झलक पेश की। उन्होंने चूरू की प्रसिद्ध मिठाइयों के साथ-साथ वॉलनट क्रशर, झूमर, सजावटी हस्तशिल्प (Decorative Pieces) जैसी स्थानीय हस्तनिर्मित कलाकृतियों को प्रदर्शित कर जिले की समृद्ध शिल्प परंपरा

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय पहचान को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत कर सभी को प्रभावित किया। Read More »

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति, इतिहास और स्थानीय विशेषताओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।

झालावाड़ जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे बॉबी सिंह मखीजा और वंशिका चौधरी ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले की विशिष्ट पहचान को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया। उन्होंने झालावाड़ की प्रसिद्ध फीणी, रसदार संतरे तथा जिले के ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों की आकर्षक झलक प्रस्तुत कर आगंतुकों को जिले की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति, इतिहास और स्थानीय विशेषताओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। Read More »

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय विशेषताओं को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।

जैसलमेर जिले का प्रतिनिधित्व कर रही वर्षा तावरी ने अपनी आकर्षक स्टॉल के माध्यम से “स्वर्ण नगरी” की अनूठी पहचान को जीवंत किया। उन्होंने घोटुआ लड्डू, ऊंट के चमड़े से बने हस्तशिल्प (Camel Leather Craft), सैंड ड्यून्स (रेत के टीले) और जैसलमेर के प्रसिद्ध पीले पत्थर (Yellow Stone) को सुंदर ढंग से प्रदर्शित कर जिले

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय विशेषताओं को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। Read More »

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपनी संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

बारां जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे सुजल शर्मा ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले की जनजातीय और वन संस्कृति को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया। उन्होंने मिट्टी के बर्तन, बांस की बिजनी, पारंपरिक दीये और स्थानीय हस्तशिल्प को प्रस्तुत कर बारां की समृद्ध लोक विरासत को जीवंत रूप दिया। सुजल की रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपनी संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की। Read More »

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति, विरासत और स्थानीय विशेषताओं को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कोटा जिले का प्रतिनिधित्व कर रही पहल शर्मा ने अपनी आकर्षक स्टॉल के माध्यम से कोटा की बहुआयामी पहचान को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया। उन्होंने देश के प्रमुख एजुकेशन हब के रूप में कोटा को दर्शाने के लिए कोचिंग सेटअप का मॉडल तैयार किया। साथ ही कोटा डोरिया साड़ी, क्षेत्र के प्रसिद्ध कोटा स्टोन

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति, विरासत और स्थानीय विशेषताओं को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। Read More »

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और विशेषताओं को बेहतरीन अंदाज़ में प्रस्तुत किया।

टोंक जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे पार्थ शर्मा ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से टोंक की नवाबी संस्कृति, विश्वप्रसिद्ध मावे के हलवे और जिले की समृद्ध विरासत की खूबसूरत झलक पेश की। उनकी आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुति और प्रभावी संवाद शैली ने सभी दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। पार्थ ने अपनी प्रस्तुति

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और विशेषताओं को बेहतरीन अंदाज़ में प्रस्तुत किया। Read More »

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक विरासत, लोक जीवन और क्षेत्रीय विशेषताओं को अनोखे अंदाज़ में प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।

डीडवाना-कुचामन जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे गणेश टाक ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति में जिले की ऐतिहासिक विरासत, लोक संस्कृति, पारंपरिक खान-पान, कृषि आधारित जीवनशैली तथा स्थानीय फसलों और बीजों की विशेषताओं को रोचक एवं सहज तरीके से प्रस्तुत किया। गणेश की प्रस्तुति ने दर्शकों को डीडवाना-कुचामन की सांस्कृतिक समृद्धि और स्थानीय पहचान से परिचित कराया।

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक विरासत, लोक जीवन और क्षेत्रीय विशेषताओं को अनोखे अंदाज़ में प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। Read More »

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के अलग-अलग जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर, लोक परंपराओं और स्थानीय पहचान को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया।

कोटपूतली जिले का प्रतिनिधित्व कर रही विधि शर्मा ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से जिले की सांस्कृतिक विरासत, प्रसिद्ध व्यंजनों, कृषि परंपराओं तथा स्थानीय फसलों और बीजों की विशेषताओं की प्रभावशाली जानकारी दी। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों को कोटपूतली की समृद्ध संस्कृति और विशिष्ट पहचान से रूबरू कराया। आत्मविश्वास, प्रभावशाली अभिव्यक्ति और विषय

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के अलग-अलग जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर, लोक परंपराओं और स्थानीय पहचान को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया। Read More »

Addressing a media workshop held at the Constitution Club in Jaipur on the occasion of World Environment Day, Dr. Anurag Joshi, Health Officer at UNICEF, discussed in detail the health impacts of climate change

the Heat Action Plans formulated at state and district levels, and the role of the media in the effective implementation of these plans. He stated that climate change is not merely an environmental challenge but also a critical public health issue, with its impact manifesting in various ways across different sections of society. He emphasized

Addressing a media workshop held at the Constitution Club in Jaipur on the occasion of World Environment Day, Dr. Anurag Joshi, Health Officer at UNICEF, discussed in detail the health impacts of climate change Read More »