digital baal mela

डिजिटल बाल मेले की फाउंडर जाह्नवी शर्मा की ओर से आप सभी को जन्माष्टमी के पावन पर्व की शुभकामनाएं।

श्रीकृष्ण का जीवन हमें सिखाता है कि प्रेम में शक्ति, सत्य में विश्वास और कर्म में सफलता छिपी है। यह पावन अवसर आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और पॉजिटिव एनर्जी लेकर आए। डिजिटल बाल मेले के बच्चे धूम धाम से मना रहे हैं जन्माष्टमी।

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जे. डी. माहेश्वरी, समाजसेवी एवं उद्यमी ने “जोधपुर बाल महोत्सव” का पोस्टर जारी किया और फ्यूचर सोसाइटी की सचिव डॉ मीना शर्मा से मुलाकात की और कार्यक्रम की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार बच्चों के लिए बड़े अवसर साबित हो सकते हैं।

इस अवसर पर जे. डी. माहेश्वरी ने कहा कि “जोधपुर बाल महोत्सव” के लिए आपको बधाई और ऐसे नवाचार डिजिटल बाल मेला करता रहे इससे बच्चों में कॉन्फिडेंस और अपने जिले को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने का उत्साह आता है। डिजिटल बाल मेला के तहत शुरू किए गए इस अभियान में मई माह में

जे. डी. माहेश्वरी, समाजसेवी एवं उद्यमी ने “जोधपुर बाल महोत्सव” का पोस्टर जारी किया और फ्यूचर सोसाइटी की सचिव डॉ मीना शर्मा से मुलाकात की और कार्यक्रम की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार बच्चों के लिए बड़े अवसर साबित हो सकते हैं। Read More »

डिजिटल बाल मेला की तरफ से आप सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ।

रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उस रिश्ते का उत्सव है जो स्नेह, सम्मान और विश्वास से जुड़ा होता है। राखी का यह पावन धागा भाई-बहन के रिश्ते की मिठास और अपनत्व को और मजबूत करता है। आइए, इस रक्षाबंधन पर रिश्तों की इस खूबसूरत परंपरा को नई यादों और नई खुशियों के साथ मनाएँ।

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डिजिटल बाल मेला की फाउंडर जान्हवी शर्मा ने सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएँ दीं।

रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। बहन की कलाई से बंधा राखी का धागा केवल रक्षा का संकल्प नहीं, बल्कि जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने की भावना का प्रतीक है। भाई-बहन का रिश्ता बचपन की नोकझोंक, हँसी और अनगिनत यादों से बनता है। समय और दूरी भले ही

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टॉक मॉडल पब्लिक स्कूल के छात्र दिनेश सहारण ने हनुमानगढ़ जिले की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी।

हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील में स्थित गोगामेड़ी धाम राजस्थान का एक ऐसा चमत्कारी और अनोखा धाम है जहाँ हिंदू-मुस्लिम एकता की जीवंत मिसाल देखने को मिलती है। यह धाम लोकदेवता गोगाजी महाराज को समर्पित है, जिन्हें जहरीले सांपों के देवता, जाहरवीर, गुग्गा वीर और जाहर पीर के नाम से भी जाना जाता है। कहा

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हनुमानगढ़ जिले की इशिका, बाल भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा, ने हनुमानगढ़ की कला, संस्कृति, स्मारक और लोकतंत्र के बारे में जानकारी दी।

हनुमानगढ़ राजस्थान का वह जिला है जिसे उत्तर भारत की दो महान संस्कृतियों, राजस्थानी और पंजाबी संस्कृति का संगम कहा जाता है और जो प्राचीन सरस्वती नदी यानी घग्गर नदी के किनारे बसा हुआ है। यदि इसकी कला और संस्कृति की बात करें तो यहाँ राजस्थानी घूमर और कालबेलिया के साथ पंजाबी भांगड़ा और गिद्दा

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जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए अपने-अपने जिले की खास पहचान को सामने रखा।

भीलवाड़ा जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रतिभागियों ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले के प्रसिद्ध खान-पान और मिठाइयों, जैसे मक्कन बड़ा, को प्रस्तुत किया। साथ ही, पर्यटन स्थलों के मॉडल के जरिए भीलवाड़ा की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई। अपनी प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने भीलवाड़ा को ‘टेक्सटाइल सिटी’ के रूप

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जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए अपने-अपने जिले की खास पहचान को सामने रखा।

सलूंबर जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रतिभागियों ने अपनी स्टॉल के माध्यम से हाड़ी रानी के गौरवशाली इतिहास, स्थानीय कला एवं हस्तशिल्प तथा कृषि परंपराओं को आकर्षक मॉडलों के जरिए प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने सलूंबर की ऐतिहासिक विरासत और ग्रामीण जीवन की समृद्ध झलक दर्शकों तक पहुँचाई।

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“जोधपुर बाल महोत्सव” में शामिल होने के लिए क्या करना है?

राजस्थान के बच्चों के लिए बड़ा अवसर — अपने जिले की पहचान बनाएँ, राज्य और राष्ट्र स्तर पर जीतें ₹50,000 का नकद इनाम और 3 दिन जोधपुर घूमने का मौका। बस बतानी है अपने जिले की कोई नायब बात। डिजिटल बाल मेला 2026 का नया अभियान शुरू हो गया है। प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर से

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