जैसलमेर जिले का प्रतिनिधित्व कर रही वर्षा तावरी ने अपनी आकर्षक स्टॉल के माध्यम से “स्वर्ण नगरी” की अनूठी पहचान को जीवंत किया। उन्होंने घोटुआ लड्डू, ऊंट के चमड़े से बने हस्तशिल्प (Camel Leather Craft), सैंड ड्यून्स (रेत के टीले) और जैसलमेर के प्रसिद्ध पीले पत्थर (Yellow Stone) को सुंदर ढंग से प्रदर्शित कर जिले की संस्कृति, पर्यटन और पारंपरिक कला की शानदार झलक प्रस्तुत की।
वर्षा की प्रस्तुति ने दर्शकों को जैसलमेर की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक वैभव से रूबरू कराया। उनकी रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और प्रभावशाली प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि अपने जिले की पहचान और धरोहर को संजोकर नई पीढ़ी उसे देशभर तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।

