इस अवसर पर जे. डी. माहेश्वरी ने कहा कि “जोधपुर बाल महोत्सव” के लिए आपको बधाई और ऐसे नवाचार डिजिटल बाल मेला करता रहे इससे बच्चों में कॉन्फिडेंस और अपने जिले को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने का उत्साह आता है।
डिजिटल बाल मेला के तहत शुरू किए गए इस अभियान में मई माह में “जयपुर बाल महोत्सव” में राजस्थान के सभी जिलों की झाकियां देखने को मिली थी। 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे अपने-अपने जिले की विशेषताओं को बेहद ही खूबसूरत तरीके से प्रस्तुत किए थे।
आयोजन दिसंबर माह में किया जायेगा। प्रदेशभर से बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेना शुरू कर दिया है और अपने जिले की खासियतों को दर्शाते हुए वीडियो साझा कर रहे हैं।
कॉग्निवेरा के CEO कमलेश शर्मा ने कहा कि राजस्थान की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए स्थानीय पर्यटन में दिलचस्पी रखने वाले बच्चों के लिए आईटी कंपनी कॉग्निवेरा की तरफ से बच्चों के लिए स्कॉलरशिप दी जाएगी।
फ्यूचर सोसाइटी के अध्यक्ष सुशील शर्मा ने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने का अवसर मिलेगा, जिससे वे अपने भविष्य के लिए सही दिशा तय कर सकेंगे।
डिजिटल बाल मेला की संस्थापक जाह्नवी शर्मा ने बताया कि इसमें भाग लेने वाले बच्चों को राज्य स्तर पर अपनी कला को प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा। राजस्थान की विरासत को राष्ट्र मंच पर बच्चे लेकर जायेंगे।
भागीदारी प्रक्रिया
इस अभियान में भाग लेने के लिए बच्चों को अपने जिले की विशेषताओं पर आधारित एक वीडियो तैयार कर डिजिटल बाल मेला की आधिकारिक वेबसाइट या व्हाट्सऐप नंबर 8005915026 पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इस अभियान का उद्देश्य कला, साहित्य, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देना है।

