हिमाचल प्रदेश की कशिश ने दी अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस की जानकारी

विश्व भर के देशों के बीच एकता और सद्भावना को उजागर करने के लिए ही ‘अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस’ को मनाया जाता है।

बाल लेखिका कशिश

 

अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस हर साल 20 दिसंबर को मनाया जाता है।इसका मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच एकजुटता के महत्व को बढ़ाने के लिए,गरीबी पर अंकुश लगाना और विकासशील देशों में मानव और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है।

‘अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस’ को विश्व एकजुटता कोश और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा बढ़ावा दिया जाता है।जो दुनिया भर में गरीबी उन्मूलन के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने पर केंद्रित है।

20‍ दिसंबर ,2002 को महासभा ने विश्व एकजुटता कोष की स्थापना की।संयुक्त राष्ट्र ने 22 दिसंबर,2005 को यह दिवस मनाने की घोषणा की।

विश्व भर के देशों के बीच एकता और सद्भावना को उजागर करने के लिए ही ‘अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस’ को मनाया जाता है।इस दिवस के माध्यम से विश्व के सभी देशों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी संस्कृति, सभ्यता और प्रत्येक पहलू को साझा करने का अवसर मिलता है।संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा इस दिवस को मनाने के अथक प्रयास किए जाते हैं।

एक व्यक्ति या तो शिक्षा में योगदान देकर या गरीबों या शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम लोगों की मदद करके इस दिन में भाग ले सकता है या इस दिन को मना सकता है।इसके माध्यम से सरकारों को सतत विकास लक्ष्य के गरीबी और अन्य सामाजिक बाधाओं का जवाब देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस का विषय या थीम :”गरीबी , भ्रष्टाचार और आतंकवाद से लड़ाई” है। इस प्रकार “अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस” विश्वभर के लोगों को वैश्विक समस्याओं,आपदाओं और कठिनाइयों को एक स्तर पर आकर और सकारात्मक दिशा की ओर सोंचकर विपदा को सुलझाने के लिए एकीकृत मंच प्रदान करता है !

 

 

 

डिजिटल बाल मेला ने दिसंबर माह के महत्वपूर्ण दिनों पर एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता के अंत में जिस बच्चे की लेखन कला सबसे अच्छी होगी उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। आप भी इसमें भाग ले सकते हैं। आपके द्वारा लिखे गए लेख डिजिटल बाल मेला में भेजें। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।

 

डिजिटल बाल मेला की शुरुआत कोरोना काल में बच्चों की बोरियत को दूर करने के लिए जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय की छात्रा जान्हवी शर्मा द्वारा की गई थी। इसके तहत अभी तक कई अभियानों का आयोजन किया जा चुका है जिसमें “बच्चों की सरकार कैसी हो?” “मैं भी बाल सरपंच” “कौन बनेगा लोकतंत्र प्रहरी” “म्यूजियम थ्रू माय आइज” आदि शामिल हैं।

 

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