बाल लेखक कार्तिक।
स्वामी विवेकानंद का जन्म 12जनवरी1863 ईo को कोलकाता में हुआ था उनके बचपन का नाम नागेंद्र नाथ दत्त था स्वामी विवेकानंद का नाम उनके गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस ने दिया था
विवेकानंद ने 31 मई में 1893 को अपनी यात्रा शुरू की और जापान की कई शहरों (नागासाकी कोबे योकोहामा ओसाका क्योटो और टोक्यो समेत) का दौर किया चीन और कनाडा होते हुए यात्रा करते-करते यह अमेरिका के शिकागो शहर में पहुंच गए सन1893 में।1893 में अमेरिका के शिकागो नगर में जो विश्वधर्म महासभा हो रहा था। वहां जाकर इन्होंने भाषण दिया और पहले बोला कि मेरे अमेरिका के प्यारे-प्यारे भाइयों और बहन इस बात पर अमेरिका के लोग यह बात सुनकर बहुत अच्छा लगा क्योंकि उसे दिन उनका जन्म हुआ था और वह एक युवक थे इसलिए 12जनवरी को युवा दिवस मनाया जाता है।
स्वामी विवेकानंद भारत के गौरव थे। स्वामी विवेकानंद भारत का यह योगदान था कि वह भारत की ओर सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किये ये वह भाषण है जिसने पूरे दुनिया के सामने भारत को एक मजबूत छवि के साथ पेश किया।
संघर्ष जितना ही कठिन होगा
जीत उतना शानदार होगा।
स्वामी विवेकानंद
डिजिटल बाल मेला ने जनवरी माह के महत्वपूर्ण दिनों पर एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता के अंत में जिस बच्चे की लेखन कला सबसे अच्छी होगी उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। आप भी इसमें भाग ले सकते हैं। आपके द्वारा लिखे गए लेख डिजिटल बाल मेला में भेजें। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।
डिजिटल बाल मेला की शुरुआत कोरोना काल में बच्चों की बोरियत को दूर करने के लिए जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय की छात्रा जान्हवी शर्मा द्वारा की गई थी। इसके तहत अभी तक कई अभियानों का आयोजन किया जा चुका है जिसमें “बच्चों की सरकार कैसी हो?” “मैं भी बाल सरपंच” “कौन बनेगा लोकतंत्र प्रहरी” “म्यूजियम थ्रू माय आइज” आदि शामिल हैं।
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