साक्षी ठाकुर.
शिमला. 12 जून को हिमाचल प्रदेश विधानसभा स्पीकर की अध्यक्षता में राज्य ऐतिहासिक बाल सत्र का साक्षी बना. इस विशेष सत्र के लिए देश भर से 68 बच्चों का चयन किया गया था, जिसकी प्रक्रिया कुल तीन माह चली थी. “बाल प्रतिनिधि” बाल मुद्दों पर अपनी आवाज़ शिमला स्थित विधानसभा भवन में मुखर करते नज़र आए. बिलासपुर के जवाहर नवोदय विद्यालय में पढ़ रहे हरिओम का चयन भी इस सत्र के लिए किया गया था. जिसमें वो विपक्ष के विधायक की भूमिका निभाते हुए नज़र आए.
उप नेता प्रतिपक्ष हरिओम गुप्ता ने अपनी एन्ट्री डिजिटल बाल मेला को भेजी थी जिसमें उन्होंने बताया कि हमारा देश विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, लेकिन हमारे देश में चपरासी बनने के लिए तो शिक्षित होना आवश्यकता है लेकिन नेता बनने के लिए नहीं. हरिओम का कहना है की देश में ऐसी नीति आनी चाहिये जिससे सभी को शिक्षित होना आवश्यक हो.
“विश्व बाल श्रम निषेध दिवस” के अवसर पर उन्होंने अपने इस मुद्दे को सत्र में सरकार और समाज के सामने रखा. इस सत्र में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्य के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू एवं बतौर विशिष्ठ अतिथि राज्यसभा उप-सभापति श्री हरिवंश, शामिल हुए. इस सत्र की ख़ास बात यह रही कि बच्चों ने ही मुख्यमंत्री, नेता-प्रतिपक्ष, स्पीकर समेत सभी पदों की भूमिका निभाई व एक दिन के लिए राज्य की विधानसभा का संचालन किया.
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