UNICEF राजस्थान कार्यालय पहुंचे, जहाँ उनकी मुलाक़ात हुई OIC एवं चीफ़ ऑफ़ फ़ील्ड ऑफिस रुशभ हेमानी से।
हेमानी ने बेहद सरल भाषा में बच्चों को समझाया कि बाल अधिकार वास्तव में क्या हैं और UNICEF उनकी रक्षा के लिए कैसे कार्य करता है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और भागीदारी—ये चारों अधिकार बराबरी से मिलने चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि UNICEF राजस्थान में किस तरह बाल विवाह रोकने, कुपोषण घटाने, स्कूल छोड़ने वाले बच्चों को वापस लाने, और समुदायों में बाल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए काम करता है। बच्चों ने उनसे अनेक सवाल पूछे और जाना कि नीतियों से ज़मीनी स्तर तक UNICEF की टीम कैसे बच्चों से जुड़ती है।
डिजिटल बाल मेला की संस्थापक जान्हवी शर्मा ने कहा कि आज का दिन बच्चों को यह समझाने के लिए था कि उनकी आवाज़ कितनी महत्वपूर्ण है और कैसे मीडिया व अंतरराष्ट्रीय संस्थान उनके अधिकारों को मजबूत बनाते हैं।
यह दौरा फ्यूचर सोसायटी, डिजिटल बाल मेला और UNICEF के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को अभिव्यक्ति का मंच देना, बच्चों की आवाज़ को नीति और समाज तक पहुँचाना, और उन्हें उनके अधिकारों का व्यावहारिक अनुभव देना है।
Listen to the Future | My Day, My Right” थीम पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस के अवसर पर डिजिटल बाल मेला के बच्चे

