पालनहार योजना क्या है?
पालनहार योजना राजस्थान सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा योजना है। राज्य के अनाथ एवं देखरेख और सरंक्षण की श्रेणियों में आने वाले बालक / बालिकाओं को परिवार के ही भीतर समुचित देखरेख, सरंक्षण एवं शिक्षा सुनिश्चित करने के लिये निकटतम रिश्तेदार, वयस्क भाई अथवा भाई को पालनहार बनाकर राज्य की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु पालनहार योजना संचालित है।
योग्यता :
- अनाथ बालक / बालिका
- कानून के तहत मृत्यु दण्ड / आजीवन कारावास प्राप्त माता पिता के बच्चे
- पेंशन प्राप्त कर रही विधवा माता के बच्चे
- पुनर्विवाहित विधवा माता के बच्चे
- एच. आई. वी./ एड्स पीड़ित माता – पिता के बच्चे
- कुष्ठ रोग से पीड़ित माता – पिता के बच्चे
- नाता संबंध में गई माता के बच्चे
- विशेष योग्यजन माता – पिता के बच्चे
- पेंशन प्राप्त कर रही तलाकशुदा
- सिलिकोसिक पीड़ित माता – पिता के बच्चे
योजना के लाभ :
- बच्चों को सम्मानजनक जीवन और सुरक्षित भविष्य का आधार
- अनाथालयों पर निर्भरता कम होकर परिवार आधारित देखभाल को बढ़ावा
- बच्चों में आत्मविश्वास और आत्मसम्मान का विकास
- पढ़ाई के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में सहायता
- कठिन परिस्थितियों में बच्चों को सामाजिक सुरक्षा कवच
- बच्चों के अधिकारों की रक्षा और संरक्षण सुनिश्चित
- देखभाल करने वाले परिवार पर आर्थिक दबाव में कमी
- बच्चों के समग्र विकास (शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा) को बढ़ावा
- भविष्य में बच्चों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सहायता
आवेदन कैसे करें ? :
- पात्रता की जाँच करें
- आवश्यक दस्तावेज़ तैयार करे
- नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाएँ या ऑनलाइन पोर्टल खोलें
- आवेदन फॉर्म भरें
- सभी जरूरी दस्तावेज़ अपलोड करें
- आवेदन सबमिट करें और रसीद प्राप्त करें
- विभाग द्वारा दस्तावेज़ों का सत्यापन किया जाएगा
- स्वीकृति के बाद मासिक सहायता सीधे बैंक खाते में मिलेगी
आवश्यक दस्तावेज़ :
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
- बच्चे का आधार कार्ड
- पालनकर्ता/अभिभावक का आधार कार्ड
- जनआधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण
- बच्चे की पासपोर्ट साइज फोटो
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र
- चिकित्सा प्रमाण पत्र
- नाता/पुनर्विवाह संबंधी प्रमाण
बाल संदर्भ केंद्र , हरिश्चन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान
