महिला अधिकारिता निदेशालय की अतिरिक्त निदेशक नीतू राजेश्वर ने जवाहर कला केंद्र में बच्चो की वैश्विक संग्रहालय चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया
जयपुर, 27 सितम्बर:
जवाहर कला केंद्र की सुदर्शन आर्ट गैलरी 3 आज रंगों और रचनात्मकता से गूंज उठी जब Future Society के Digital Baal Mela के तहत आयोजित बच्चों की वैश्विक संग्रहालय चित्र प्रदर्शनी का आज शुभारंभ हुआ। यह प्रदर्शनी डिजिटल बाल मेला और कला एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई है और पूरे सप्ताह दर्शकों के लिए खुली रहेगी।
उद्घाटन के बाद महिला अधिकारिता निदेशालय की अतिरिक्त निदेशक नीतू राजेश्वर ने कहा कि बच्चों को कला और संस्कृति से जोड़ना बेहद आवश्यक है और इस तरह की पहलें उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने का एक सुंदर माध्यम बन सकती हैं।
गैलरी में पचास से अधिक वैश्विक संग्रहालयों के मनमोहक चित्र प्रदर्शित किए गए हैं, जो विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने तैयार किए हैं। साथ ही, बच्चो को गैलरी में आमंत्रित किया गया है ताकि वे वहीं पेंटिंग बना सकें। आगंतुक न केवल प्रदर्शनी का आनंद ले सकते हैं बल्कि बच्चों से बातचीत कर उनकी रचनात्मक प्रक्रिया को भी करीब से देख सकते हैं।
इस अवसर पर Future Society की उपाध्यक्ष रवीता शर्मा ने बताया कि कई प्रतिभाशाली बच्चों ने अंतरराष्ट्रीय धरोहर स्थलों पर अपने विचार चित्रों में उतारे हैं। उन्होंने विशेष रूप से आराध्य अग्रवाल (नेपियर म्यूज़ियम), कामना कुमारी (कोलोसियम म्यूज़ियम), प्रशस्ति रावत (आम्रपाली म्यूज़ियम) और दिग्विजय सिंह राठौड़ (लौवर म्यूज़ियम, पेरिस) का उल्लेख किया, जिनकी कृतियाँ दर्शकों का विशेष आकर्षण बनी हुई हैं।
इस अवसर पर Digital Baal Mela की संस्थापक जाह्नवी शर्मा ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को विश्व के 10,000 से अधिक धरोहर स्थलों और संग्रहालयों की जानकारी हमारे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराना है, जिससे वे कला और इतिहास के महत्व को गहराई से समझ सकें।
कला प्रेमियों, शिक्षकों और अभिभावकों से अनुरोध है कि वे आएं, प्रदर्शनी देखें और बच्चों की इस रचनात्मक पहल का हिस्सा बनें।

