जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति, विरासत और स्थानीय विशेषताओं को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कोटा जिले का प्रतिनिधित्व कर रही पहल शर्मा ने अपनी आकर्षक स्टॉल के माध्यम से कोटा की बहुआयामी पहचान को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया। उन्होंने देश के प्रमुख एजुकेशन हब के रूप में कोटा को दर्शाने के लिए कोचिंग सेटअप का मॉडल तैयार किया। साथ ही कोटा डोरिया साड़ी, क्षेत्र के प्रसिद्ध कोटा स्टोन तथा स्थानीय स्वादिष्ट व्यंजनों को अपनी प्रस्तुति का हिस्सा बनाकर जिले की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा।

पहल की रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और विषय की उत्कृष्ट समझ ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया। उनकी प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि जब बच्चे अपने जिले की विशेषताओं को गर्व के साथ प्रस्तुत करते हैं, तो वे अपनी संस्कृति और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के सशक्त माध्यम बन जाते हैं।

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