आइए जानते हैं आखिर क्यों मनाया जाता है केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस।
शिवाक्ष शर्मा।
केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस हर साल 24 फरवरी को मनाया जाता है। यह दिवस देश के लिए ‘केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड’ (CBIC) के प्रयासों, सेवाओं और योगदान का सम्मान करने के लिए मानते हैं। 24 फरवरी 1944 को केंद्रीय उत्पाद शुल्क और नमक अधिनियम के कानून को मनाने के लिए यह दिन मनाया जाता है।
केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस’ को मनाए जाने का मुख्य लक्ष्य आम लोगों में उत्पाद शुल्क और सेवा शुल्क की अहमियत को समझाना है। केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के काम की सराहना करने के लिए मनाया जाता है। गौरतलब है कि सीबीआईसी राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन काम करता है। यह संगठन सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क आदि के मामलों के संग्रह और प्रबंधन से संबंधित है। सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क संग्रह के सुचारू संचालन के लिए सीबीआईसी की भूमिका केंद्रीय है। केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस सीबीआईसी की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करने के बारे में है।
आज के दिन कई कार्यक्रमों का आयोजन बोर्ड की ओर से किया जाता है। इन कार्यक्रमों में जागरुकता कार्यक्रम, पुरस्कार समारोह, सेमिनार, शैक्षिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं शामिल हैं।
डिजिटल बाल मेला ने फरवरी माह के महत्वपूर्ण दिनों पर एक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता के अंत में जिस बच्चे की लेखन कला सबसे अच्छी होगी उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। आप भी इसमें भाग ले सकते हैं। आपके द्वारा लिखे गए लेख डिजिटल बाल मेला में भेजें। बाल लेखकों द्वारा लिखे गए आलेखों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।
डिजिटल बाल मेला की शुरुआत कोरोना काल में बच्चों की बोरियत को दूर करने के लिए जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय की छात्रा जान्हवी शर्मा द्वारा की गई थी। इसके तहत अभी तक कई अभियानों का आयोजन किया जा चुका है जिसमें “बच्चों की सरकार कैसी हो?” “मैं भी बाल सरपंच” “कौन बनेगा लोकतंत्र प्रहरी” “म्यूजियम थ्रू माय आइज” आदि शामिल हैं।
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