हनुमानगढ़ के बारे में बच्चों ने जिले के समृद्ध इतिहास, धार्मिक विरासत और ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी साझा की।

बच्चों ने जिले के लगभग 1700 वर्ष पुराने ऐतिहासिक किले भटनेर दुर्ग के बारे में बताया। उनके अनुसार, इस किले का निर्माण भट्टी राजा ने करवाया था। बाद में बीकानेर के राजा सूरत सिंह ने मंगलवार के दिन भटनेर दुर्ग पर विजय प्राप्त की और यहाँ भगवान हनुमान जी के मंदिर का निर्माण करवाया। इसके बाद भटनेर का नाम बदलकर हनुमानगढ़ कर दिया गया।

बच्चों ने हनुमानगढ़ से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित धोलीपाल गाँव के बारे में भी जानकारी दी। यहाँ लगभग 300 वर्ष पुराना आश्रम है, जहाँ श्री श्री पूर्णानंद गिरि जी महाराज की जीवित समाधि के बारे में बताया गया। बच्चों ने यह भी बताया कि गाँव के विकास के दौरान पटियाला की रानी ने यहाँ कुओं का निर्माण करवाया था।

धोलीपाल नाम रखने के पीछे की कहानी बताते हुए बच्चों ने बताया कि इस स्थान पर मिट्टी का एक सफेद टीला हुआ करता था। इसी कारण इस गाँव का नाम धोलीपाल पड़ा।

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