बाड़मेर जिले का प्रतिनिधित्व कर रही पावनी चौधरी ने अपनी स्टॉल में केर-सांगरी और उससे बनने वाले पारंपरिक अचार के साथ बाड़मेर की प्रसिद्ध अजरख ब्लॉक प्रिंटिंग और वूल क्राफ्टिंग को मॉडलों के माध्यम से प्रदर्शित किया। उन्होंने इन स्थानीय कलाओं और उत्पादों की विशेषताओं की जानकारी भी साझा की।
पावनी की सृजनात्मक प्रस्तुति और आत्मविश्वास ने दर्शकों को आकर्षित किया और बाड़मेर की लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और स्थानीय हुनर की खूबसूरत झलक पेश की।

