जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय पहचान को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत कर सभी को प्रभावित किया।

चूरू जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे विकास सुथार और यावी पारीक ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले की पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों की शानदार झलक पेश की। उन्होंने चूरू की प्रसिद्ध मिठाइयों के साथ-साथ वॉलनट क्रशर, झूमर, सजावटी हस्तशिल्प (Decorative Pieces) जैसी स्थानीय हस्तनिर्मित कलाकृतियों को प्रदर्शित कर जिले की समृद्ध शिल्प परंपरा और रचनात्मकता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

दोनों प्रतिभागियों की सृजनात्मक सोच, प्रभावशाली प्रस्तुति और उत्कृष्ट टीमवर्क ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। उनकी स्टॉल ने यह दर्शाया कि चूरू की पहचान केवल अपनी परंपराओं में ही नहीं, बल्कि वहां के कुशल हस्तशिल्प और स्थानीय कला में भी बसती है, जिसे नई पीढ़ी पूरे गर्व के साथ आगे बढ़ा रही है।

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