तनय मिश्रा।
जयपुर के तीज होटल में शुक्रवार को “मैं भी बाल सरपंच” अभियान के तहत नवाचारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। डिजिटल बाल मेला द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य के कई जिलों के पंचायती क्षेत्रों से सरपंच और अन्य अधिकारी शामिल हुए।
जयपुर। 23 सितंबर, शुक्रवार को जयपुर के तीज होटल में “मैं भी बाल सरपंच” अभियान के तहत नवाचारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। डिजिटल बाल मेला द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य के कई जिलों के पंचायती क्षेत्रों से सरपंच और अन्य अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में डिजिटल बाल मेला की मेंटर और वरिष्ठ पत्रकार डॉ. मीना शर्मा ने “मैं भी बाल सरपंच” अभियान के बारे में संबोधित किया। इस अवसर पर सरपंच संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयराम पलसानिया ने डिजिटल बाल मेला के इस प्रयास को बच्चों के विकास के लिए जरुरी बताया। इतना ही नहीं, यूनिसेफ से शफकत हुसैन भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूनिसेफ की पार्टनरशिप के तहत इस अभियान की आधिकारिक शुरुआत 2 अक्टूबर को की जाएगी। इसी दिन 1959 में आधुनिक भारत में पहली बार राजस्थान के नागौर जिले के बगधरी गाँव में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने पंचायत व्यवस्था की शुरुआत की थी।
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जानिए क्या कहा डॉ. मीना शर्मा ने?
इस अभियान के बारे में संबोधित करते हुए डॉ. मीना शर्मा ने इस अभियान की विशेषताएँ, इस अभियान का सामाजिक महत्व, बच्चों की पंचायत व्यवस्था में सहभागिता, ग्राम पंचायत को बाल मित्र पंचायत बनाने की आवश्यकता और बाल पंचायतों के आयोजन से जुड़े विषयों के बारें में जानकारी दी। साथ ही इस अभियान के बारे में ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को कैसे जागरूक किया जाए, इस बारे में भी जानकारी दी।
सरपंचों की प्रतिक्रिया
इस कार्यक्रम में 9 जिलों से कुल 17 सरपंच/जिलाध्यक्ष/उनके प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में सम्मिलित सरपंच और जिलाध्यक्ष इस अभियान “मैं भी बाल सरपंच” के नवाचार से प्रभावित हुए और डिजिटल बाल मेला की इस पहल की सराहना की। साथ ही अपने पंचायती क्षेत्र के ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों को इस अभियान से जोड़ने और अपने गाँव में बाल पंचायत के आयोजन का उत्साह दिखाया। इतना ही नहीं, वहाँ मौजूद सरपंचों ने अपनी-अपनी पंचायतों को “बाल मित्र” बनाने का भी वादा किया। गौरतलब है कि इस पहल के तहत डिजिटल बाल मेला और यूनिसेफ बच्चों की पंचायत राज प्रणाली के प्रति जागरूकता, बच्चों की सहभागिता और शिक्षा पर काम करेंगे।
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डिजिटल बाल मेला के अभियान “मैं भी बाल सरपंच” के ज़रिए देश के ग्रामीण और पंचायती क्षेत्र के बच्चों को पंचायती राज प्रणाली के प्रति जागरूक करने का कार्य किया जाता है। इस अभियान के तहत डिजिटल बाल मेला ऑनलाइन और ऑफलाइन सत्र करता है, जिनमें राज्य के दिग्गज नेता बच्चों से पंचायती राज प्रणाली पर संवाद भी करेंगे। इन बच्चों को राजस्थान के गाँव, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और विद्यालयों के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इस अभियान में कई तरह के सत्र, वीडियो एंट्री, क्विज़ और डिबेट प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाती हैं। इससे पहले डिजिटल बाल मेला “शेड्स ऑफ कोविड” पेंटिंग प्रदर्शनी का भी आयोजन कर चुका है।
अगर आपका बच्चा भी “मैं भी बाल सरपंच” अभियान से जुड़ना चाहता है, तो आप डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट www.digitalbaalmela.com पर रजिस्टर कर सकते हैं या इस नंबर 8005915026 पर वॉट्सऐप/टेलीग्राम के ज़रिए भी रजिस्टर कर सकते हैं। जानकारी के लिए डिजिटल बाल मेला के सोशल मीडिया हैंडल्स फॉलो करें…….
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