भरतपुर जिले का प्रतिनिधित्व कर रही नाम्या मिश्रा और मोनीष्का ने अपनी आकर्षक स्टॉल के माध्यम से जिले की सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक धरोहर को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने भरतपुर के पारंपरिक खान-पान, विश्वप्रसिद्ध केवलादेव घना पक्षी अभयारण्य (Bird Sanctuary) तथा जिले की लोक संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक प्रदर्शित कर आगंतुकों को भरतपुर की विशिष्ट पहचान से परिचित कराया।
दोनों प्रतिभागियों की रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और बेहतरीन प्रस्तुति ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया। उनकी स्टॉल ने यह संदेश दिया कि भरतपुर की पहचान केवल अपनी ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहर तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी समृद्ध संस्कृति और परंपराएँ भी उसे राजस्थान के प्रमुख जिलों में एक विशेष स्थान दिलाती हैं।

