जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने-अपने जिले की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय पहचान को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

हनुमानगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे पारस माली ने अपनी आकर्षक स्टॉल के माध्यम से जिले की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विशेषताओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने भटनेर दुर्ग, काली माता मंदिर, जिले के प्रसिद्ध संतरे, देसी घी से बने पारंपरिक बिस्किट तथा कढ़ाई से तैयार किए गए पारंपरिक सूट को प्रदर्शित कर हनुमानगढ़ की विविध पहचान से सभी को परिचित कराया।

पारस की सृजनात्मक प्रस्तुति और आत्मविश्वास ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। उनकी स्टॉल ने यह दर्शाया कि हनुमानगढ़ अपनी ऐतिहासिक धरोहर, पारंपरिक स्वाद और हस्तकला के अनूठे संगम के कारण राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *