क्लाइमेट चेंज एंड एनवायरनमेंट सस्टेनेबिलिटी स्पेशलिस्ट UNICEF, युसूफ कबीर ने बताया की सतत विकास (Sustainable Development) एवं सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) कि विकास की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ियों के संसाधनों और अवसरों को भी सुरक्षित रखे।

उन्होंने SDGs को एक बेहतर, समावेशी और पर्यावरण-संतुलित समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जयपुर के कंस्टीटूशन क्लब में मीडिया कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए उन्होंने जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के बढ़ते प्रभावों पर चर्चा करते हुए कहा कि बदलते मौसम, बढ़ती गर्मी, अनियमित वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव समाज के सभी वर्गों पर पड़ता है। विशेष रूप से बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों पर जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक असर देखने को मिलता है, क्योंकि ये वर्ग स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों और प्रतिकूल परिस्थितियों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।

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