जयपुर जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे धीरज कुमार ने अपनी स्टॉल के माध्यम से गुलाबी नगरी की समृद्ध विरासत को जीवंत रूप दिया। उन्होंने हवा महल, आमेर किला और अल्बर्ट हॉल के आकर्षक मॉडलों के जरिए जयपुर के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाया। साथ ही घेवर, फीणी जैसे प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजनों, जयपुर की संस्कृति और लोकजीवन की झलक प्रस्तुत करते हुए राजस्थानी लोकगीत की मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया।
धीरज की रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और प्रभावशाली प्रस्तुति ने उनकी स्टॉल को विशेष आकर्षण का केंद्र बना दिया। उनकी प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि जयपुर की पहचान केवल उसकी ऐतिहासिक धरोहर तक सीमित नहीं, बल्कि उसकी जीवंत संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और लोक कला भी उसे विश्वभर में विशिष्ट पहचान दिलाती है।

