हनुमानगढ़ के पारस माली ने बताया अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस का महत्व।

इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों के अंदर लोकतंत्र के लिए जागरूकता पैदा करना है। बाल लेखक पारस माली। हर वर्ष 15 सितंबर को अतंरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस में लोगों के बारे में लोगों के लिए लोकतंत्र की महत्व याद करने का अवसर देता है। लोकतंत्र का मुख्य उद्देश्य पूरे […]

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रामनगर की अंजली ने ने अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस का समझाया महत्व।

अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस

अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस को मनाने के लिए लोगों के अलग-अलग संगठन बने होते हैं और अनेक तरीकों से इस उपलक्ष्य को मनाया जाता है। बाल लेखिका अंजली। नमस्कार, अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस की आप सभी को बहुत-बहुत बधाई हो। लोकतंत्र दो शब्दों से मिलकर बना है लोक + तंत्र। लोक का अर्थ जनता तथा तंत्र का

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लाना छेता की कशिश ने बताई है हिंदी भाषा की खासियत

जानिए क्यों जरूरी है हिंदी दिवस बाल लेखिका कशिश   “कितना सुंदर कहा गया है — “पाथेय है,प्रवास में,परिचय का सूत्र है मैत्री को जोड़ने की सांकल है ये हिंदी पढ़ने व पढ़ाने में सहज है,ये सुगम है साहित्य का असीम सागर है ये हिंदी।” सबसे पहले जिस भाषा में हिंदुस्तानी नागरिक ने अपने विचार

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चंबा के शुभम ने बताया, 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस।

शुभम ने किया है देशभर में हिंदी भाषा के उपयोग का आग्रह बाल लेखक शुभम डिजिटल बाल मेला द्वारा आयोजित लेखन प्रतियोगिता में बच्चे, बड़ी संख्या में अपने – अपने आर्टिकल भेज रहे हैं। इसी प्रक्रिया में चंबा के शुभम ने भी हिंदी दिवस का महत्व बताते हुए अपना यह आर्टिकल लिखा है। “हिंदी दिवस

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Issues raised under the campaign “Bacchon Ki Sarkaar Kaisi Ho?” 

Children gave important suggestions to the government, targeted on many subjects Shivaksh Sharma  Jaipur: Digital Children’s Fair under the aegis of Himachal Pradesh Legislative Assembly “How should the government of children be?” Campaign was organized. Under this campaign, on June 12, a children’s session was organized in the auditorium building of Himachal Pradesh Legislative Assembly,

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अजमेर के अच्युतम तिवारी ने हिंदी भाषा का बताया महत्व।

पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधे रखती है हिंदी बाल लेखक अच्युतम। “निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल, बिन निज भाषा ज्ञान के, मिटत न हिय के सूल’।” पहला हिंदी दिवस 14 सितंबर 1953 को मनाया गया था, जब भारत के प्रधान मंत्री ने इस दिन को हिंदी दिवस के रूप

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“हिंदी भाषा अंतर्राष्ट्रीय भाषा का दर्जा प्राप्त करने की राह पर” – यथार्थ

सोलन के यथार्थ टकोलर ने हिंदी दिवस पर रखी अपनी बात।  बाल लेखक यथार्थ।  हिंदी हमारी राजभाषा है। यह भाषा भारतीयों की पहचान है। हिंदी भाषा अपनी जननी संस्कृत से आयी है। यह भाषा भारतवासियों को एक दूसरे से जोड़ती हैं पर आज कल लोग अपनी मातृभाषा को छोड़कर दूसरी भाषा को बढ़ावा दे रहे

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रामनगर की वंशिका सिंह ने हिन्दी दिवस पर रखी अपनी बात। 

हिंदी दिवस को मानने का उद्देश्य यह है कि हिंदी भाषा की महत्वत्ता को समझना है। बाल लेखिका वंशिका। भारत में हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत की स्वतंत्रता के बाद 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एकमत निर्णय लेकर हिंदी भाषा को भारत की राष्ट्रभाषा

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रामनगर की अंजली ने हिंदी दिवस के इतिहास पर डाला प्रकाश। 

14 सितंबर 1949 को हिंदी भारत की अधिकारिक भाषा घोषित की गई। बाल लेखिका अंजलि।  हिंदी दिवस पर मैं कुछ पंक्तियां कहना चाहूंगी। हिंदी से हिंदुस्तान है तभी तो यह देश महान है, हिंदी भाषा की उन्नति के लिए ,अपना सब कुछ कुर्बान है हिंदी दिवस के अवसर पर ,है देश हिंदी के मान में

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“बच्चों की सरकार कैसी हो?” अभियान के तहत उठे मुद्दे

बच्चों ने सरकार को दिए अहम  सुझाव, कई विषयों पर साधा निशाना गर्वित शर्मा    जयपुर: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के तत्वाधान में डिजिटल बाल मेला द्वारा “बच्चों की सरकार कैसी हो?” अभियान का आयोजन किया गया| 12  जून को इसी अभियान के तहत शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सभागार भवन मने बाल सत्र का

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