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जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति और विशिष्ट पहचान को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।

खैरथल-तिजारा जिले का प्रतिनिधित्व कर रही ऋषिका शर्मा ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों, स्थानीय परंपराओं और उनकी ऐतिहासिक महत्ता से दर्शकों को परिचित कराया। ऋषिका की प्रभावशाली प्रस्तुति, आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच ने सभी का ध्यान […]

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जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति और विशिष्ट पहचान को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।

बीकानेर जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे अर्शिल खान ने अपनी स्टॉल के माध्यम से ऊंट के दूध से बनी मिठाइयों, बीकानेरी रसगुल्ले, मोहनथाल तथा जूनागढ़ किला और कैमल सफारी के आकर्षक मॉडलों को प्रदर्शित कर बीकानेर की समृद्ध विरासत और पर्यटन की सुंदर झलक प्रस्तुत की। अर्शिल की आत्मविश्वास से भरपूर प्रस्तुति और रचनात्मक सोच

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जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति और स्थानीय पहचान को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति और स्थानीय पहचान को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। जोधपुर जिले का प्रतिनिधित्व कर रही लुबना नाज़ और आलिया नाज़ ने अपनी स्टॉल के माध्यम से मावा कचौरी, गुलाब जामुन सहित जोधपुर के पारंपरिक व्यंजनों तथा प्रमुख पर्यटन

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जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति और विशेषताओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।

अलवर जिले का प्रतिनिधित्व कर रही खिलिशा सैनी ने अपनी स्टॉल के माध्यम से अलवर के प्रसिद्ध मिल्क केक, पारंपरिक व्यंजनों तथा जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों के मॉडलों को प्रदर्शित कर उसकी समृद्ध सांस्कृतिक पहचान की सुंदर झलक प्रस्तुत की। खिलिशा की आत्मविश्वास से भरपूर प्रस्तुति और रचनात्मक सोच ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित

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जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की संस्कृति और विरासत को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।

बूंदी जिले का प्रतिनिधित्व कर रही अवनी जैन ने अपनी स्टॉल पर बूंदी के प्रसिद्ध लड्डू तथा तारागढ़ किला और रानीजी की बावड़ी के आकर्षक मॉडलों के माध्यम से जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया। अवनी की रचनात्मक प्रस्तुति और आत्मविश्वास ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया तथा बूंदी

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सीकर जिले का प्रतिनिधित्व कर रही मोनिका ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जीणमाता मंदिर, पारंपरिक खान-पान और गौ माता के महत्व को आकर्षक मॉडलों के जरिए प्रदर्शित कर जिले की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। मोनिका की आत्मविश्वास से भरपूर प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और सीकर

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सवाई माधोपुर जिले का प्रतिनिधित्व कर रही साक्षी ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले की प्रसिद्ध अमरूद, पारंपरिक मिठाइयों तथा रणथंभौर सफारी की आकर्षक झलक मॉडलों के जरिए प्रस्तुत की। उनकी प्रस्तुति ने सवाई माधोपुर के स्वाद, पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य को प्रभावशाली ढंग से दर्शकों तक पहुँचाया। साक्षी की आत्मविश्वास से भरपूर प्रस्तुति

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पाली जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे कल्पेश भाटी ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले की समृद्ध पहचान को रचनात्मक रूप में प्रदर्शित किया। उन्होंने पाली की प्रसिद्ध मेहंदी, पारंपरिक खान-पान तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों को आकर्षक मॉडलों के जरिए प्रस्तुत कर जिले की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से सभी को परिचित कराया। कल्पेश की

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डूंगरपुर जिले का प्रतिनिधित्व कर रही ग्रीष्मा चौहान ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले के पारंपरिक खान-पान, स्टोन एवं वुडन क्राफ्ट तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों की ऐतिहासिक विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया। ग्रीष्मा की आत्मविश्वास से भरपूर प्रस्तुति ने दर्शकों को डूंगरपुर की समृद्ध संस्कृति और पर्यटन से परिचित कराया। उनकी स्टॉल

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जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की सांस्कृतिक धरोहर और स्थानीय विशेषताओं को आकर्षक अंदाज़ में प्रस्तुत किया।

जयपुर जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे धीरज कुमार ने अपनी स्टॉल के माध्यम से गुलाबी नगरी की समृद्ध विरासत को जीवंत रूप दिया। उन्होंने हवा महल, आमेर किला और अल्बर्ट हॉल के आकर्षक मॉडलों के जरिए जयपुर के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाया। साथ ही घेवर, फीणी जैसे प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजनों, जयपुर की संस्कृति और लोकजीवन

जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी बच्चों ने अपने-अपने जिले की सांस्कृतिक धरोहर और स्थानीय विशेषताओं को आकर्षक अंदाज़ में प्रस्तुत किया। Read More »